Meta Pixel

ईडी बढ़ाएगी जांच का दायरा

Spread the love

रायपुरः राज्य लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021 घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब केवल 2021 की राज्य सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई अन्य भर्तियों की भी कड़ाई से पड़ताल करेगी। जांच के दायरे में वर्ष 2019 में हुई 1,384 पदों पर सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती भी आ गई है। इस परीक्षा में एक ही केंद्र के 50 में से 36 अभ्यर्थियों के चयन होने का गंभीर आरोप है। इसके अलावा, संस्कृति विभाग में वर्ष 2023 में द्वितीय श्रेणी के पदों पर हुई भर्ती में भी गड़बड़ी और अपात्रों के चयन की शिकायतें मिली हैं। सीजीपीएससी के माध्यम से भाजपा की पूर्ववर्ती डा. रमन सिंह सरकार के पिछले दो कार्यकालों (2008-2018) में जहां केवल 90 परीक्षाएं हुईं थीं। वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 78 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सरकार की अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी जल्द ही जांच एजेंसियां शिकंजा कस सकती हैं।

संस्कृति विभाग की भर्ती में लेन-देन के आडियो क्लिप

संस्कृति विभाग में वर्ष 2023 में हुई भर्ती में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता और भारी लेन-देन के आरोप लगे हैं। इस मामले से जुड़े कुछ आडियो क्लिप भी सामने आने की चर्चा है। फिलहाल नियुक्तियों पर रोक लगी हुई है और • मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और एसीबी भी इन शिकायतों की जांच कर रही हैं।

सोनवानी समेत 13 आरोपित पहले ही हो चुके हैं गिरफ्त

सीजीपीएससी 2021 भर्ती घोटाले में सीबीआइ पहले से ही शिकंजा कस चुकी है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष टा सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक टामन सोनवानी और सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर समेत अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में ईडी ने पेपर लीक और रुपयों के अवैध लेन-देन के साक्ष्य मिलने के बाद पूर्व अध्यक्ष सोनवानी और ध्रुव सहित अन्य आरोपितों के नौ ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *