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केरल में भारी बारिश का तांडव: 5 जिलों में रेड अलर्ट, एक की मौत; ‘रेड अलर्ट’ जारी

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केरल के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मूसलाधार बारिश के चलते कई सड़कों पर जलजमाव की स्थिति है, पेड़ उखड़ गए हैं और कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। त्रासुर के मनालुर में एक दुखद घटना में, तेज बारिश के कारण एक अस्थायी शेड पर पेड़ गिर गया, जिसमें सो रहे 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई।

5 जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल की स्थिति को देखते हुए राज्य के पांच जिलों – मल्लपुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। ‘रेड अलर्ट’ का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 20 सेंटीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, छह जिलों- पतनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (11 से 20 सेमी बारिश) और राज्य के शेष तीन जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (6 से 11 सेमी बारिश) जारी किया गया है।

पर्यटन और शैक्षणिक संस्थानों पर असर
खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में पर्यटक ट्रेकिंग स्थलों पर प्रवेश और पहाड़ी सड़कों पर रात में यात्रा करने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, पत्थर खदानों (क्वेरी) में काम करने पर भी प्रतिबंध है। सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान और मानसून का अपडेट
IMD ने बताया कि उत्तर केरल के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) बना हुआ है, जिसके कारण 6 जून को मल्लपुरम, कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड और वायनाड में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। विभाग का कहना है कि 6 से 9 जून तक केरल और माहे के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। साथ ही, 6 से 10 जून के बीच राज्य में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए चेतावनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मध्य-पश्चिमी और मध्य-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। समुद्र की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को 6 से 9 जून तक केरल-लक्षद्वीप-कर्नाटक तटों पर नहीं जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि वहां 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

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