छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी देखने को मिलेगी। हालांकि तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। रायपुर के माना स्थित मौसम केंद्र में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार भी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के अन्य क्षेत्रों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।
प्रदेश में मौसम की सक्रियता के पीछे दो महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं। पहला, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण है। दूसरा, पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही द्रोणिका यानी ट्रफ लाइन है। इन दोनों सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे गरज-चमक और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है।
राजधानी रायपुर में भी रविवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहने की संभावना है। शहर में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी चलने और बारिश होने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।
प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें। आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।