छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़े स्तर पर तबादला आदेश जारी किए गए हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभाग के कुल 165 अधिकारियों और कर्मचारियों की नई पदस्थापना की गई है। इस व्यापक फेरबदल में परिवहन निरीक्षक, परिवहन उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
विभागीय आदेश के मुताबिक 46 परिवहन निरीक्षकों, 50 परिवहन उपनिरीक्षकों, 16 सहायक उपनिरीक्षकों, 35 प्रधान आरक्षकों तथा 18 आरक्षकों को नए स्थानों पर पदस्थ किया गया है। परिवहन विभाग ने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और कार्यकुशलता में सुधार लाना है।
तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी शामिल हैं। कोरबा उड़नदस्ता में पदस्थ परिवहन निरीक्षक अनुपम पटेल को नारायणपुर जिले का प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी (DTO) बनाया गया है। वहीं दुर्ग में पदस्थ सनत कुमार जागड़े को बीजापुर जिले के प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा कृष्ण कुमार चौबे को अंबिकापुर से चिल्फी चेकपोस्ट भेजा गया है। वैभव शुक्ला को रायपुर से रामानुजगंज तथा मोहम्मद आबिद खान को कोटा से धनपुंजी चेकपोस्ट स्थानांतरित किया गया है। वहीं संतोष कुमार राठौर, चंद्र कुमार साहू और अरुणा साहू को रायपुर उड़नदस्ता में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभागीय फेरबदल के तहत महेंद्र कुमार कुलदीप को परिवहन कार्यालय बिलासपुर में पदस्थ किया गया है। राजेंद्र कुमार बर्मन को पाटेकोहरा चेकपोस्ट से रायगढ़ उड़नदस्ता भेजा गया है। वहीं केशव प्रसाद राजवाड़े को दुर्ग उड़नदस्ता और जितेंद्र भूषण को पाटेकोहरा चेकपोस्ट की जिम्मेदारी दी गई है।
अपर परिवहन आयुक्त द्वारा जारी आदेश में सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई पदस्थापनाओं के माध्यम से प्रदेशभर में परिवहन व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा और मैदानी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की तैनाती से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी, राजस्व संग्रहण और प्रवर्तन कार्यों में सुधार होगा तथा परिवहन नियमों के पालन पर भी अधिक प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।