छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जमानत पर जेल से बाहर आए कुछ युवकों का शक्ति प्रदर्शन उन पर भारी पड़ गया। जेल से रिहा होने के कुछ ही घंटों बाद आरोपियों ने कारों और बाइकों का काफिला निकालकर शहर में रैली निकाली, सड़क पर स्टंटबाजी की, दबंगई का प्रदर्शन किया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेज दिया।
घटना भाटापारा शहर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 5 जून की रात जेल से रिहा होने के बाद आरोपियों ने कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पर कारों और बाइकों के साथ रैली निकाली। इस दौरान कई युवक चलती कारों की खिड़कियों से बाहर लटककर स्टंट करते नजर आए। सड़क पर हुड़दंग मचाते हुए उन्होंने इलाके में अपनी मौजूदगी का प्रदर्शन किया। वायरल वीडियो में कुछ युवक आरोपियों का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि आतिशबाजी कर जश्न भी मनाया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रैली के दौरान कुछ आरोपियों ने राहगीरों और मोहल्ले के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। सड़क पर उत्पात मचाने और यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी करने के कारण लोगों में नाराजगी देखने को मिली। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी साझा किया गया, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आदित्य साहू (22), सागर धीवर (27), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21), वसीम अली (20), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25), सागर यादव (24), आशीष ध्रुव (21), हेमंत भाट (20) और ओम ध्रुव (20) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से मारपीट, सार्वजनिक शांति भंग करने, हुड़दंग करने, आपराधिक साजिश और सामूहिक अपराध जैसी धाराओं में मामले दर्ज थे, जिसके चलते उन्हें जेल भेजा गया था।
जैसे ही पुलिस को रैली और वायरल वीडियो की जानकारी मिली, टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। बाद में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेज दिया।
मामले पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जमानत का अर्थ कानून तोड़ने या दबंगई दिखाने की छूट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में भय का माहौल बनाने, रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन करने और सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
एसपी ने कहा कि ऐसी गतिविधियां किसी उपलब्धि का प्रतीक नहीं बल्कि कानून की अवहेलना हैं, जिनका परिणाम दोबारा जेल की सलाखों के पीछे पहुंचना हो सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर दिखावे और दबंगई के बढ़ते चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे जमानत पर बाहर आए हों या किसी अन्य तरीके से।