छत्तीसगढ़ के Narayanpur जिले में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सोमवार रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भरंडा गांव में कथित धार्मिक गतिविधियों को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो पक्षों के बीच टकराव और मारपीट में बदल गया। घटना में महिला समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा तथा पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सोमवार शाम एक वाहन, जिस पर ‘प्रेस’ लिखा हुआ था, गांव में पहुंचा। आरोप है कि वाहन में सवार कुछ लोग आदिवासी समुदाय के लोगों के बीच धार्मिक प्रचार-प्रसार कर रहे थे और उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। जैसे ही इस गतिविधि की जानकारी गांव के अन्य लोगों को मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक घर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई और फिर स्थिति बिगड़ते हुए मारपीट तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घटना में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला सहित दो से तीन लोग चोटिल हुए हैं, हालांकि घायलों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने संबंधित लोगों को सुरक्षित हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बताया जा रहा है कि पास्टर सहित कुछ लोगों को थाने ले जाया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि संबंधित लोग कथित रूप से ‘प्रेस’ लिखे वाहन में गांव पहुंचे थे। उनका कहना है कि यदि पत्रकारिता के नाम का इस्तेमाल किसी अन्य गतिविधि के लिए किया गया है तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।
फिलहाल धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना की वास्तविक वजह क्या थी।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।



