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RBI के बड़े फैसले से बैंकिंग शेयरों में तूफानी तेजी, बैंक निफ्टी 55,100 के पार, PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी

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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बैंकिंग सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा जमा और विदेशी उधारी से जुड़ी नई रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधा की विस्तृत गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इस सकारात्मक माहौल का असर बैंक निफ्टी पर भी दिखाई दिया, जो लगभग 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,100 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, RBI के इस कदम को बैंकिंग प्रणाली में विदेशी पूंजी आकर्षित करने और बैंकों की फंडिंग क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। निवेशकों ने इस घोषणा का स्वागत किया, जिसके चलते सरकारी और निजी दोनों बैंकिंग शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया।

दोपहर के कारोबार में बैंक निफ्टी करीब 1.9 प्रतिशत की मजबूती के साथ 55,000 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर पूरे दिन बाजार का सबसे मजबूत और सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना रहा।

सरकारी बैंकों में निवेशकों का उत्साह सबसे अधिक देखने को मिला। BANKBARODA का शेयर करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया। वहीं CANBK में लगभग 3.7 प्रतिशत, PNB में 3.6 प्रतिशत और UNIONBANK में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBIN का शेयर भी लगभग 2 प्रतिशत मजबूत होकर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा।

निजी बैंकों ने भी इस तेजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। FEDERALBNK, IDFCFIRSTB, INDUSINDBK, ICICIBANK और AXISBANK जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खास बात यह रही कि बैंक निफ्टी में शामिल लगभग सभी बैंकिंग शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह RBI द्वारा FCNR(B) डिपॉजिट और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) के लिए जारी की गई नई व्यवस्था रही। नई गाइडलाइन के अनुसार अधिकृत बैंक 30 सितंबर तक तीन से पांच वर्ष की अवधि वाले नए और नवीनीकृत FCNR(B) डिपॉजिट पर रियायती स्वैप विंडो का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पात्र विदेशी उधारी पर भी विशेष स्वैप सुविधा उपलब्ध होगी।

विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा में धन जुटाना आसान होगा। इससे उनकी फंडिंग लागत कम हो सकती है और घरेलू जमा पर निर्भरता घट सकती है। परिणामस्वरूप बैंकों की बैलेंस शीट और लाभप्रदता दोनों को फायदा मिलने की संभावना है।

ब्रोकरेज फर्मों ने भी RBI के इस कदम को बैंकिंग सेक्टर के लिए सकारात्मक बताया है। उनका मानना है कि नई व्यवस्था से मध्यम अवधि के विदेशी मुद्रा डिपॉजिट में बढ़ोतरी होगी और बैंकों को अतिरिक्त तरलता उपलब्ध होगी। इससे बैंकिंग प्रणाली में पूंजी प्रवाह बढ़ने की संभावना है।

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि RBI की इस पहल से भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी पूंजी का प्रवाह हो सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार आने वाले समय में 50 से 70 अरब डॉलर तक की विदेशी पूंजी भारतीय बैंकिंग प्रणाली में आ सकती है। इससे न केवल बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती मिलेगी बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों को भी समर्थन प्राप्त हो सकता है।

बैंकिंग शेयरों में आई इस मजबूती का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ ऊपर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 23,200 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों की तुलना में काफी अधिक रही, जो निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।

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