अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने भारत के स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया है। करीब 3,050 करोड़ रुपये के इस सौदे के साथ अडाणी समूह ने देश के स्मार्ट मीटरिंग बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है।
सौदे के तहत AESL को इंटेलिस्मार्ट की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त होगी। इंटेलिस्मार्ट देश की प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में गिनी जाती है और उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार तथा असम जैसे राज्यों में 2.2 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटरों का संचालन कर रही है।
अधिग्रहण से पहले अडाणी एनर्जी के स्मार्ट मीटरिंग कारोबार के पास 2.46 करोड़ से अधिक मीटरों का ऑर्डर बुक था। अब इंटेलिस्मार्ट के जुड़ने के बाद कंपनी का कुल स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो बढ़कर 4.7 करोड़ से अधिक हो जाएगा। यह उपलब्धि AESL को भारत के स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में शीर्ष स्थान पर पहुंचाती है।
इंटेलिस्मार्ट, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) का संयुक्त उपक्रम रही है। इस अधिग्रहण में कंपनी की पूरी इक्विटी शामिल है। साथ ही अडाणी एनर्जी, एनआईआईएफ से संबंधित बकाया कर्ज का भी निपटान करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार देशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की महत्वाकांक्षी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। स्मार्ट मीटर बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने, बिजली चोरी रोकने, बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल ने कहा कि इंटेलिस्मार्ट के जुड़ने से कंपनी की तकनीकी क्षमता और निष्पादन शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी और बड़े स्तर पर संचालन होने से लागत में भी कमी आएगी।
कंपनी का दावा है कि इस अधिग्रहण से परिचालन दक्षता बेहतर होगी, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को अधिक सटीक और पारदर्शी बिलिंग सुविधा मिल सकेगी। साथ ही गलत बिलों और मैनुअल मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बढ़ती डिजिटल तकनीकों और सरकार की स्मार्ट ग्रिड नीति को देखते हुए यह अधिग्रहण अडाणी एनर्जी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में स्मार्ट मीटरिंग बाजार के विस्तार के साथ कंपनी को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है।