गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान की गई टिप्पणी एक युवा वेब डेवलपर के लिए भारी पड़ गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और बढ़ते विरोध के बाद 22 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा को उनकी कंपनी स्टारविक डिजाइन ने नौकरी से हटा दिया है। यह मामला सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत व्यवहार और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।
विवाद की शुरुआत स्टैंड-अप कॉमेडियन Pranit More के गुरुग्राम में आयोजित एक लाइव क्राउड-वर्क शो से हुई। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों से बातचीत करते हुए हिमांशु जांगड़ा ने अपने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र किया। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने एक महिला पर लगभग 360 से 370 रुपये की चिकन बिरयानी का खर्च किया था और बाद में उन्हें अपने खर्च की भरपाई के रूप में शारीरिक निकटता की उम्मीद थी।
शो के दौरान इस टिप्पणी पर हंसी-मजाक का माहौल बना और कॉमेडियन ने भी इसे हल्के अंदाज में लिया। हालांकि कार्यक्रम की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया।
विवाद बढ़ने के बाद प्राणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि वायरल हुई टिप्पणी उनके व्यक्तिगत विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें अधिक जिम्मेदार प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। साथ ही उन्होंने बताया कि संबंधित वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है और भविष्य में ऐसे मामलों को अधिक संवेदनशीलता के साथ संभाला जाएगा।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब हिमांशु जांगड़ा की कंपनी स्टारविक डिजाइन ने भी इस पर संज्ञान लिया। कंपनी के संस्थापक Vivek Vishwakarma ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में व्यक्त किए गए विचार कंपनी के मूल्यों और कार्यसंस्कृति से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार से ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती।
दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन में हिमांशु के खिलाफ कार्यस्थल पर कोई शिकायत सामने नहीं आई। महिला कर्मचारियों सहित अन्य सहकर्मियों से बातचीत में उन्हें एक पेशेवर, मेहनती और सम्मानजनक कर्मचारी बताया गया। बावजूद इसके, कंपनी ने माना कि कार्यस्थल के बाहर की घटना का प्रभाव अब संगठन की छवि और कार्य वातावरण पर पड़ रहा है।
कंपनी प्रबंधन ने कहा कि कर्मचारियों, ग्राहकों और संगठन की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए हिमांशु से अलग होने का निर्णय लिया गया है। हालांकि संस्थापक ने यह भी कहा कि युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
यह मामला सोशल मीडिया के दौर में व्यक्तिगत टिप्पणियों के दूरगामी प्रभाव और पेशेवर जीवन पर उनके असर का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। एक मंच पर कही गई बात कैसे राष्ट्रीय बहस का विषय बन सकती है और उसके परिणाम किसी व्यक्ति के करियर तक पहुंच सकते हैं, यह घटना उसी की मिसाल मानी जा रही है।