भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 9 जून 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के लगातार 4,398 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार देश का नेतृत्व कर रहे हैं। इस अवधि में उन्होंने कई बड़े आर्थिक, प्रशासनिक और बुनियादी ढांचा सुधारों को आगे बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर भी अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है।
इस उपलब्धि के बाद विभिन्न स्तरों पर उन्हें बधाइयां मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित Sergio Gor ने प्रधानमंत्री मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, समर्पण और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने भारत और अमेरिका के मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा Rajnath Singh, Amit Shah, J. P. Nadda, Shivraj Singh Chouhan सहित एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड को लेकर एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किए जाने की चर्चा रही।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान देश में कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिली है। नए संसद भवन, सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं इसी दौर में चर्चा का केंद्र रहीं।
इसके अलावा वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने, डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI के विस्तार, वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों और विभिन्न प्रशासनिक सुधारों को भी इस कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है। वहीं जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसे फैसलों ने भी राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की।
समर्थकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है, जबकि आलोचक विभिन्न नीतिगत फैसलों पर अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं। इसके बावजूद लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
यह उपलब्धि केवल कार्यकाल की अवधि का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में मतदाताओं द्वारा लगातार तीन आम चुनावों में दिए गए जनादेश का भी एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।