प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक आयोजित हुई, जिसमें देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और अन्य विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के विजन, युवाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण और वैश्विक व्यापार के अवसरों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया का बड़ा हिस्सा अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत आत्मविश्वास और मजबूत संकल्प के साथ विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की साझा जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है और यह देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस जनसांख्यिकीय शक्ति का सही उपयोग किया गया तो भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। इसके लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला भी बन सकता है। इसलिए राज्यों को शिक्षा व्यवस्था को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाना होगा, ताकि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि मजबूत और कुशल युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
बैठक में व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। इन समझौतों के कारण भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। अब इन उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करना होगा।
महिला सशक्तिकरण के विषय पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय महिलाएं कृषि, विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करें। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को समान अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो उसका लाभ पूरे समाज और अर्थव्यवस्था को मिलता है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारी संघवाद की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, संवाद और सहयोग ही देश के समग्र विकास का आधार है। राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडलों और नवाचारों से सीखना चाहिए तथा विकास की प्रक्रिया को साझा प्रयास बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य मिलकर एक टीम की तरह कार्य करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों, युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं की भागीदारी और मजबूत आर्थिक नीतियों के बल पर भारत आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।
नीति आयोग की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में बैठक में दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को देश की विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।