छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है। छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित धनवार चेकपोस्ट पर शुक्रवार तड़के की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक 16 चक्का ट्रक से लगभग 20 क्विंटल गांजा बरामद किया है। मामले में अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, बसंतपुर थाना पुलिस को पहले से ही इस तस्करी की सूचना मिल चुकी थी। साइबर सेल से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उत्तर प्रदेश सीमा की ओर जा रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोककर जब जांच की गई तो तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तस्करों ने गांजे की खेप को बेहद शातिर तरीके से छिपाया था। ट्रक के निचले हिस्से में गांजे से भरी बोरियां रखी गई थीं, जबकि ऊपर प्लास्टिक की बोरियों में पाउडर लाद दिया गया था ताकि सामान्य जांच में किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण पूरा खेल उजागर हो गया।
तलाशी के दौरान 50 से अधिक बोरियों में भरा गांजा बरामद किया गया। जब्त मादक पदार्थ का वजन लगभग 20 क्विंटल बताया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी लोकेश कुमार शर्मा और मुजफ्फरनगर निवासी आमिष अंसारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि लोकेश कुमार इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना होने के साथ-साथ ट्रक का मालिक भी है। वह पिछले पांच महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
दरअसल, करीब पांच महीने पहले बलरामपुर पुलिस ने 12 क्विंटल गांजा जब्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के दौरान पूछताछ में लोकेश कुमार का नाम सामने आया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। हाल ही में साइबर ट्रैकिंग के जरिए पता चला कि वह स्वयं ओडिशा से गांजे की नई खेप लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा के सोनपुर जिले से लोड की गई थी। ट्रक रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर सहित कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश सीमा तक पहुंच चुका था। हालांकि बलरामपुर पुलिस की सतर्कता के चलते खेप सीमा पार करने से पहले ही पकड़ ली गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। साथ ही इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और पूछताछ भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।