रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए महिला दलाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के छोटे अतरमुड़ा स्थित साईं मंगलम गली में की गई, जहां किराए के मकान में कथित रूप से देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से तीन युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू भी किया है।
पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि इलाके के एक मकान में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले गुप्त सत्यापन कराया और फिर एक विशेष योजना के तहत अपने मुखबिर को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा। मुखबिर से संकेत मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की।
दबिश के दौरान पुलिस को मकान के अलग-अलग कमरों में युवक-युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मकान का उपयोग कथित तौर पर देह व्यापार के लिए किया जा रहा था। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री और लेन-देन से जुड़ी नकदी बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, मौके से बरामद 2,500 रुपये वही रकम थी जो जांच के लिए भेजे गए व्यक्ति द्वारा दी गई थी। पूछताछ में मुख्य आरोपी महिला ने किराए के मकान से अवैध गतिविधियां संचालित करने की बात स्वीकार की है।
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुंजन चौहान (36 वर्ष), नेहरू चौहान (37 वर्ष) और मीर रविउल (34 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन युवतियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि उनके पुनर्वास और आवश्यक कानूनी सहायता की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के शोषण और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा यह गतिविधि कब से संचालित की जा रही थी। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।