बिलासपुर – जिले में अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश और खनिज विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में बीते तीन दिनों के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े कुल 8 वाहन एवं मशीनों को जब्त किया गया है। साथ ही एक कोयला भंडारण डिपो को सील कर दिया गया।
कोयला डिपो में मिली गड़बड़ी, जेसीबी और ट्रेलर जब्त
खनिज विभाग और सकरी पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 जून को ग्राम गतौरी में संचालित बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के अस्थायी कोयला भंडारण केंद्र की जांच की। जांच के दौरान कोयले की गुणवत्ता में कथित मिलावट, हेरफेर और भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर मौके से एक जेसीबी मशीन और एक ट्रेलर वाहन को जब्त किया गया। दोनों को पुलिस थाना कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। वहीं, संबंधित डिपो को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
तीन हाइवा वाहनों पर भी कार्रवाई
11 और 12 जून को खनिज विभाग ने सकरी, कोटा, विजयपुर, दर्री और तखतपुर क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान दर्री-विजयपुर क्षेत्र से गिट्टी का अवैध परिवहन करते एक हाइवा को पकड़ा गया। वहीं सकरी क्षेत्र में रेत और गिट्टी का परिवहन कर रहे दो अन्य हाइवा वाहनों को भी जब्त किया गया।
अरपा नदी से रेत निकाल रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए
जिला बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की सीमा से लगे खोगसरा क्षेत्र में दोनों जिलों के खनिज अमले ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच के दौरान अरपा नदी क्षेत्र से अवैध रूप से रेत का उत्खनन करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया और उन्हें जब्त कर लिया गया।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जब्त किए गए सभी वाहन और मशीनों को संबंधित पुलिस थानों कोनी, सकरी, तखतपुर और गौरैला की अभिरक्षा में रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन में लिप्त लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।