छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक विधवा महिला से रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपनिया शाखा की मैनेजर अनीता पांडेय को रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर की गई है।
मामला उस समय सामने आया जब एक महिला अपने दिवंगत पति के बैंक खाते में जमा राशि निकालने के लिए बैंक पहुंची। आरोप है कि खाते से रकम जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले बैंक मैनेजर ने पहले 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। बाद में यह राशि घटाकर 5 हजार रुपए कर दी गई। इसी दौरान एक ग्रामीण ने रिश्वत लेने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पीड़ित महिला खेलन बाई सतनामी ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत की और वीडियो सहित अन्य साक्ष्य सौंपे। महिला ने बताया कि उनके पति रूपदास सतनामी का लगभग एक वर्ष पहले निधन हो गया था। उनके पति के खाते में करीब 1 लाख 10 हजार रुपए जमा थे, जिन्हें निकालने के लिए बैंक की प्रक्रिया पूरी करनी थी।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर बैंक मैनेजर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाती दिखाई देती हैं। वीडियो में पैसे की बातचीत भी सुनाई देती है, जहां महिला के बेटे द्वारा 5 हजार रुपए होने की बात कही जाती है। इसके बाद मैनेजर कथित रूप से उनसे भविष्य में भी सीधे संपर्क करने की बात कहती नजर आती हैं।
घटना सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के निर्देश दिए गए। जांच के प्रारंभिक आधार पर संबंधित मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस बीच क्षेत्रीय विधायक इंद्र साव ने भी बैंक मैनेजर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी इस अधिकारी के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी थीं और स्थानीय किसान भी उनके व्यवहार से परेशान थे। विधायक ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी को जांच सौंपी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सरकारी और सहकारी संस्थानों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है। खासकर उन मामलों में, जहां पीड़ित परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हों, वहां संवेदनशीलता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


