इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई सीरीज मुकाबले में सुपर ओवर की हार के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विवादों में घिर गए हैं। मैच खत्म होने के बाद श्रीलंका-ए के गेंदबाज कगुथास मथुलान के साथ उनकी तीखी बहस और कथित धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब क्रिकेट जगत की नजर इस बात पर है कि मैच रेफरी इस मामले में क्या फैसला लेते हैं।
सुपर ओवर में हार के बाद बढ़ा तनाव
मुकाबले में इंडिया-ए को सुपर ओवर में जीत के लिए 17 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम केवल 9 रन ही बना सकी। इस हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों में निराशा साफ दिखाई दी। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने सुपर ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर 6 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
मैच समाप्त होने के बाद श्रीलंका-ए के खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान वैभव और श्रीलंकाई गेंदबाज कगुथास मथुलान के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई, जो आगे बढ़कर धक्का-मुक्की तक पहुंचती दिखाई दी।
बीच-बचाव के दौरान भी बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलांबागे ने मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वैभव ने उन्हें धक्का दे दिया। स्थिति को संभालने के लिए अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को बीच में आना पड़ा। घटना के बाद भी वैभव काफी नाराज नजर आए।
इससे पहले मैच के दौरान भी वैभव सुपर ओवर के नियमों को लेकर कप्तान तिलक वर्मा और अंपायर की बातचीत में शामिल होते दिखे थे। बाद में इंडिया-ए के मुख्य कोच ऋषिकेश कानिटकर उन्हें वहां से लेकर गए।
ICC कोड ऑफ कंडक्ट क्या कहता है?
यह मामला ICC के आर्टिकल 2.12 के तहत आ सकता है, जो खिलाड़ियों या अधिकारियों के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क (Inappropriate Physical Contact) से जुड़ा है।
ICC किसी भी मामले में सजा तय करते समय इन बिंदुओं पर विचार करता है:
- क्या संपर्क जानबूझकर किया गया था?
- संपर्क की तीव्रता कितनी थी?
- क्या किसी खिलाड़ी को चोट पहुंची?
- क्या स्थिति को टाला जा सकता था?
क्या हो सकती है सजा?
यदि वैभव सूर्यवंशी दोषी पाए जाते हैं, तो संभावित कार्रवाई में शामिल हो सकता है:
- मैच फीस का 50% तक जुर्माना
- 1 या 2 डिमेरिट अंक
- आधिकारिक चेतावनी या फटकार
ICC नियमों के अनुसार, 24 महीनों में चार डिमेरिट अंक जमा होने पर खिलाड़ी को निलंबन का सामना भी करना पड़ सकता है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश इस मामले में औपचारिक कार्रवाई करेंगे या चेतावनी देकर मामला समाप्त कर देंगे। फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस विवाद और संभावित फैसले पर टिकी हुई है।