छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को 1 जुलाई से महंगी बिजली का झटका लगने वाला है। नई टैरिफ दरें लागू होने के बाद घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। हालांकि सरकार की राहत योजनाओं और सब्सिडी के चलते कई उपभोक्ताओं पर इसका वास्तविक असर सीमित रहने का दावा किया जा रहा है।
नई दरों के अनुसार, 100 यूनिट बिजली खर्च करने पर औसतन करीब ₹33 अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं, जबकि 200 यूनिट पर यह बढ़ोतरी लगभग ₹67 तक पहुंच सकती है। 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में करीब ₹178 तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कितनी बढ़ीं दरें?
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न स्लैब में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
- 0-100 यूनिट: 30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
- 101-200 यूनिट: 30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
- 201-600 यूनिट: 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
- 600 यूनिट से अधिक: 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
राहत की बात यह है कि 10 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शनों पर फिक्स्ड चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलोवाट प्रतिमाह कर दिया गया है।
कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी असर
दुकानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
- एक श्रेणी में दर ₹6.10 से बढ़कर ₹6.30 प्रति यूनिट हुई।
- दूसरी श्रेणी में दर ₹6.35 से बढ़कर ₹6.55 प्रति यूनिट कर दी गई।
इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है।
किसानों को मिलेगी राहत
कृषि पंपों के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए गैर-सब्सिडी वाले कृषि कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार छूट 30% से बढ़ाकर 40% कर दी गई है।
इस वजह से किसानों पर बढ़ी हुई दरों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
उद्योगों और हाईटेंशन उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
औद्योगिक और हाईटेंशन (HT) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 25 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है।
- स्टील उद्योगों के लिए 220 केवी श्रेणी की दर ₹6.10 से बढ़कर ₹6.40 प्रति यूनिट हुई।
- अन्य उद्योगों के लिए 220 केवी श्रेणी में दर ₹6.65 से बढ़कर ₹6.95 प्रति यूनिट कर दी गई।
- रेलवे ट्रैक्शन की दर ₹5.55 से बढ़कर ₹5.90 प्रति यूनिट हो गई है।
ऊर्जा राहत योजना से मिलेगा फायदा
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल देने की सुविधा जारी रहेगी। इससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आयोग का अनुमान है कि राहत योजनाओं और सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं पर वास्तविक अतिरिक्त भार केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर रह सकता है।
इसके अलावा पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर अपनाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर बढ़ोतरी का असर और भी कम होगा।
पड़ोसी राज्यों से अब भी सस्ती बिजली का दावा
नियामक आयोग का कहना है कि संशोधित टैरिफ लागू होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में बिजली दरें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम बनी रहेंगी, जिससे उपभोक्ताओं और उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता रहेगा।