फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) अभी अंतिम रूप में नहीं पहुंचा है और यदि तेहरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने कहा, “यह कोई अंतिम समझौता नहीं है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया या ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो हम फिर से बमबारी शुरू कर देंगे।”
समझौते पर अभी बाकी है अंतिम मुहर
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित MoU पर स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि इस समझौते में कई अहम प्रावधान शामिल हो सकते हैं, जैसे:
- 60 दिनों का युद्धविराम
- रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना
- ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत
हालांकि इन प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दिया संकेत
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य आंशिक रूप से खुल चुका है और जल्द ही पूरी तरह बहाल हो सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि यह मार्ग पूरी तरह खुलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य होने और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना बढ़ सकती है।
मध्य पूर्व में शांति या नई अनिश्चितता?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित समझौता मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। लेकिन ट्रंप की सख्त चेतावनी ने इसके भविष्य को लेकर नई अनिश्चितता भी पैदा कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका की रणनीति एक ओर कूटनीतिक समाधान तलाशने की है, वहीं दूसरी ओर वह ईरान पर दबाव बनाए रखने के संकेत भी दे रहा है।
अब वैश्विक समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश समझौते को अंतिम रूप दे पाते हैं या क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ता है।