कोरिया। छत्तीसगढ़ के Koriya District जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहे विवाद ने भयावह रूप ले लिया। नौगई गांव में हुए हिंसक हमले में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
परिवार का दावा- समझौते के लिए पहुंचे थे
मृतक भरत सिंह के परिजनों का कहना है कि वे विवाद को सुलझाने और समझौते की कोशिश के लिए नौगई गांव पहुंचे थे। परिवार के मुताबिक उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बातचीत का प्रयास इतनी बड़ी हिंसक वारदात में बदल जाएगा।
परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने की जानकारी पहले से होने के कारण योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया।
हाईवा से रास्ता रोककर किया हमला
जानकारी के अनुसार देर रात हमलावरों ने कथित तौर पर वाहन के आगे और पीछे भारी वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद फॉर्च्यूनर वाहन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
इस हमले में भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक अन्य घायल वीरेंद्र सिंह की भी मौत हो गई। घटना में घायल अन्य लोगों का इलाज जारी है।
रेत कारोबार को लेकर पुराना विवाद
स्थानीय स्तर पर रेत घाटों के संचालन और परिवहन से जुड़े आर्थिक हितों को लेकर लंबे समय से विवाद चलने की बात सामने आ रही है। पुलिस विभिन्न पक्षों के बीच हुए पुराने विवादों और हालिया घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घटना से पहले भी दोनों पक्षों के बीच तनाव और मारपीट की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच एजेंसियां हत्या, आगजनी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
CBI जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मृतकों के परिवार और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिजनों ने मामले की CBI जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी नेताओं ने प्रदेश में अवैध खनन और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोरिया का यह तिहरा हत्याकांड एक बार फिर रेत कारोबार से जुड़े बढ़ते विवादों और हिंसक संघर्षों को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर रहा है।




