नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों अपने हालिया उच्च स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं।
चांदी में करीब ₹4 हजार की गिरावट
IBJA के अनुसार, एक किलोग्राम चांदी की कीमत में ₹3,988 की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद चांदी का भाव घटकर ₹2.44 लाख प्रति किलो पर आ गया।
पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2.48 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच चांदी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
सोना भी हुआ सस्ता
24 कैरेट सोने की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम सोना ₹816 टूटकर लगभग ₹1.49 लाख के स्तर पर पहुंच गया।
हाल के महीनों में सोने की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों में नरमी आई है।
ऑलटाइम हाई से ₹27 हजार नीचे सोना
वर्ष 2026 की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है।
- 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना लगभग ₹1.33 लाख था।
- 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर करीब ₹1.76 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
- इसके बाद से सोने की कीमत में लगभग ₹27 हजार की गिरावट आ चुकी है।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
चांदी ने भी इस वर्ष रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी।
- 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो था।
- 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई।
- इसके बाद से अब तक चांदी करीब ₹1.42 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क वाला आभूषण ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता का प्रमाण होता है।
2. कीमत की पुष्टि करें
खरीदारी से पहले सोने की दैनिक कीमत विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग होते हैं।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
- आइस टेस्ट: चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है।
- स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में किसी प्रकार की गंध नहीं होती।
- क्लॉथ टेस्ट: कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना चांदी की शुद्धता का संकेत माना जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में हालिया गिरावट के बावजूद दोनों धातुएं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूर करना चाहिए।