पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवादित नेता जहांगीर खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब पुलिस ने उनकी पत्नी शारिका बीबी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने समर्थकों के साथ मिलकर फालता थाने पर हमला करने और पुलिस हिरासत में बंद अपने पति को छुड़ाने की साजिश रची थी।
दक्षिण 24 परगना जिले के जुलपिया इलाके से शनिवार सुबह की गई इस कार्रवाई में शारिका बीबी के अलावा 26 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि 17 जून को फालता पुलिस स्टेशन पर हुई हिंसा और पत्थरबाजी की घटना के पीछे इन्हीं लोगों की भूमिका थी।
जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद भड़का था विवाद
TMC नेता जहांगीर खान को 8 जून को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। उन पर अवैध वसूली, धमकी और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें फालता इलाके में सार्वजनिक रूप से घुमाया था।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में जहांगीर खान कान पकड़कर और हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगते दिखाई दिए थे। कुछ वीडियो में वह हाफ पैंट में नजर आए, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बन गई थी।
‘पुष्पा’ स्टाइल छवि बनाने वाले नेता की हार और फरारी
फालता क्षेत्र में जहांगीर खान लंबे समय से प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था और कई मंचों से “पुष्पा झुकेगा नहीं” जैसे संवाद दोहराए थे।
हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनावी विवादों के कारण फालता सीट पर दोबारा मतदान भी हुआ था। मतदान से ठीक पहले उन्होंने चुनावी मैदान छोड़ने की घोषणा कर दी थी। हार के बाद वे सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब हो गए थे।
नेपाल भागने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार जहांगीर खान के खिलाफ फालता थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि वह देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी आधार पर विशेष अभियान चलाकर उन्हें नेपाल सीमा के पास से पकड़ा गया।
TMC नेताओं के खिलाफ बढ़ रहा जनाक्रोश
पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कई TMC नेताओं के खिलाफ लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। कुछ मामलों में नेताओं को कथित “कट मनी” और सरकारी योजनाओं में कमीशन लेने के आरोपों का सामना करना पड़ा।
हाल ही में कोलकाता में गिरफ्तार एक TMC पार्षद की गाड़ी पर लोगों ने अंडे फेंके थे। वहीं हावड़ा और कूचबिहार से भी ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें स्थानीय नेताओं को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा।
‘कट मनी’ का पुराना विवाद फिर चर्चा में
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘कट मनी’ का मुद्दा वर्षों से विवाद का विषय रहा है। आरोप लगते रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा लाभार्थियों से कमीशन लिया जाता था।
2019 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सार्वजनिक मंच से पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि यदि किसी ने लोगों से ‘कट मनी’ ली है तो उसे वापस कर देना चाहिए। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में लोगों ने कथित तौर पर नेताओं से पैसे वापस मांगने के अभियान चलाए थे।
अब जहांगीर खान और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर राज्य की राजनीति में कानून-व्यवस्था, स्थानीय नेताओं की भूमिका और तृणमूल कांग्रेस की छवि को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।