Meta Pixel

NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले NTA का बड़ा कदम, आज देशभर में होगी मॉक ड्रिल

Spread the love

नई दिल्ली। NEET UG 2026 री-एग्जाम के आयोजन में अब कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए National Testing Agency ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी कड़ी में आज, 20 जून को देशभर के सभी नोडल परीक्षा केंद्रों पर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।

NTA का उद्देश्य परीक्षा के दौरान आने वाली संभावित तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

क्यों हो रही है मॉक ड्रिल?

एजेंसी के अनुसार, मॉक ड्रिल दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी। इसके तहत परीक्षा दिवस पर अपनाई जाने वाली सभी प्रमुख प्रक्रियाओं की जांच और परीक्षण किया जाएगा।

इस दौरान निम्न व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा:

  • बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली
  • उम्मीदवारों की फ्रिस्किंग प्रक्रिया
  • प्रवेश और निकास व्यवस्था
  • तकनीकी उपकरणों और सिस्टम की कार्यक्षमता
  • परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
  • अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

NEET UG री-एग्जाम को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए देशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के दो लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है।

मॉक ड्रिल के दौरान सभी नोडल अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों से संबंधित अंतिम दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

NTA ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर जाएं।

परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को निम्न दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ रखने होंगे:

  • फोटोयुक्त प्रिंटेड एडमिट कार्ड
  • एक अतिरिक्त पासपोर्ट साइज फोटो
  • वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि)

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक दस्तावेजों के बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

‘जीरो एरर’ परीक्षा पर फोकस

NTA का कहना है कि यह मॉक ड्रिल परीक्षा को “जीरो एरर” मॉडल पर आयोजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एजेंसी का लक्ष्य है कि छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तथा व्यवस्थित तरीके से पूरी हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *