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जैविक किसान मेला:साय ने कहा – रासायनिक खाद छोड़ प्राकृतिक खेती की ओर लौटें

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कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केंद्र में शनिवार को ‘खेत बचाओ अभियान’’ के अंतर्गत विशाल जैविक किसान मेला व प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए।

मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवाचारी कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। मेले के दौरान बड़े आकार के कटहल और आम उगाने वाले कृषकों के बीच एक अनूठी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें जिले भर के 100 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया।

डिजिटल सेवाओं और सुशासन पर जोर: प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 400 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से नागरिक घर बैठे विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं शासकीय सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।उन्होंने बताया कि प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

ड्रोन तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी: कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे किसानों ने उत्साहपूर्वक देखा।मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कृषि विशेषज्ञों से विभिन्न नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।

औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बाजार औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और सिमोना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अनुबंध किया। इससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य और व्यापक बाजार उपलब्ध होने की संभावना है।

राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। लगभग 119 करोड़ की लागत वाली बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से 14 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

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