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जिले में खरीफ हेतु बीज भंडारण व वितरण की तैयारियां

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दुर्ग, 22 जून 2026/ खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस संबंध में रुआबांधा, जिला-दुर्ग के बीज प्रबंधक श्री एस. के. बेहरा से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए धान की 29,500 क्विंटल की मांग के विरुद्ध वर्तमान में 29,235 क्विंटल बीज उपलब्ध है, और इसी सप्ताह के अंत तक लगभग 950 क्विंटल अतिरिक्त बीज प्राप्त होने से यह उपलब्धता लगभग 102 प्रतिशत संभावित है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप अब तक 27,418 क्विंटल धान का बीज किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष बीजों का भंडारण एवं प्रक्रिया केंद्र रुआबांधा से नगद वितरण कार्य सुचारू रूप से जारी है। इस बार समितियों में विशेष रूप से पिछले 10 वर्षों के भीतर प्रसारित धान की उन्नत किस्मों का भंडारण कराया जा रहा है, जिनमें 120-125 दिनों की अवधि वाली सूखा रोधी व कीट प्रतिरोधी किस्म ’विक्रम टी.सी.आर’ (उपज 60-70 क्विंटल/हेक्टेयर), 155-160 दिनों की लंबी अवधि वाली व बाजार में अच्छे दाम दिलाने वाली एमटीयू-1318 (उपज 40-45 क्विंटल/हेक्टेयर), और राज्य की प्रसिद्ध खुशबूदार व अर्ध-बौने पौधों वाली किस्म ’छ.ग. देवभोग’ (उपज 40-45 क्विंटल/हेक्टेयर) शामिल हैं। घटते भूजल स्तर को देखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली दो प्रमुख किस्मों एमटीयू-1156 (तरंगिनी) और एमटीयू-1153 (चंद्रा) के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जो 110 से 120 दिनों में पककर 60-70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती हैं, जिसमें चंद्रा किस्म में पानी में गिरने पर भी दो सप्ताह की सुसुप्तावस्था के कारण जल अंकुरण न होने का विशेष गुण है। उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई ने यह स्पष्ट किया है कि कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर या पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, रागी, मक्का, कोदो-कुटकी और कपास जैसी फसलें लेने वाले कृषकों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि देने का प्रावधान है, जिसके तहत जिले में अरहर बीजों का वितरण व हरी खाद के अंतर्गतल ‘सन’ के बीजों के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है और वर्तमान में बीज निगम में किसी भी बीज का कोई अभाव नहीं है।

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