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रायपुर की 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ShaktiSAT के लिए चयनित, 108 देशों की छात्राओं संग बनाएंगी सैटेलाइट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की छात्रा महिमा राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा का चयन अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ShaktiSAT के नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में हुआ है। अब वह दुनिया के 108 देशों से चुनी गई छात्राओं के साथ मिलकर उपग्रह निर्माण परियोजना में भाग लेंगी और वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद मिली सफलता

महिमा ने बताया कि मिशन के लिए देशभर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन के बाद लिखित मूल्यांकन, विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और इंटरव्यू जैसे कई चरणों से गुजरने के बाद उनका चयन हुआ। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण बताया।

अगस्त में दिल्ली में होगा 8 दिवसीय प्रशिक्षण

महिमा अगस्त 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली आठ दिवसीय ShaktiSAT वर्कशॉप में हिस्सा लेंगी। इस प्रशिक्षण के दौरान अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, डिजाइन, मिशन प्लानिंग और उपग्रह निर्माण की व्यावहारिक जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

छात्राएं मिलकर तैयार करेंगी दो सैटेलाइट

23 अगस्त से शुरू होने वाली इस कार्यशाला में 108 देशों की छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट विकसित करेंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक जानकारी देना नहीं, बल्कि प्रतिभागियों को वास्तविक अंतरिक्ष परियोजना का अनुभव कराना है। छात्राओं को डिजाइन, तकनीकी विकास और मिशन संचालन की विभिन्न प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।

एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में, दूसरा सतह मिशन के लिए

मिशन के तहत तैयार किए जाने वाले दो उपग्रहों में से एक को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने और दूसरे को चंद्र सतह मिशन के उद्देश्य से विकसित करने की योजना है। इससे प्रतिभागी अंतरिक्ष अभियानों की वास्तविक चुनौतियों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को करीब से समझ सकेंगी।

अक्टूबर में ISRO के लॉन्च पैड से प्रस्तावित लॉन्च

परियोजना के अंतर्गत तैयार किए गए उपग्रहों का प्रक्षेपण अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित ISRO के लॉन्च पैड से प्रस्तावित है। यह अवसर विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाली छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

शिक्षकों और परिवार को दिया सफलता का श्रेय

महिमा ने बताया कि चयन प्रक्रिया के दौरान उनकी शिक्षिका योगेश्वरी लहरी ने लगातार मार्गदर्शन किया, जबकि विद्यालय की प्राचार्य जॉली साहू ने हर स्तर पर सहयोग दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रोत्साहन को भी दिया।

महिमा का सपना भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाना है। उन्हें पेंटिंग और स्टोरी राइटिंग का भी विशेष शौक है। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

क्या है मिशन ShaktiSAT?

ShaktiSAT एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर की छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट तकनीक, रोबोटिक्स और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़ना है। यह कार्यक्रम STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।

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