जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में रविवार की सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 दर्ज की गई है। झटकों का केंद्र जमीन के 40 किलोमीटर नीचे स्थित था। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आओमोरी प्रान्त के हाचिनोहे में भूकंपीय तीव्रता स्केल पर इसे ‘लोअर 5’ पर दर्ज किया गया।
फिलहाल कोई बड़ा नुकसान नहीं
गनीमत रही कि रविवार सुबह आए इन झटकों के बाद किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है, इसलिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, अचानक आए इन झटकों ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है।
कुछ दिन पहले भी आया था शक्तिशाली भूकंप
यह घटना देश के उत्तरी हिस्से में कुछ दिन पहले आए 7.2 तीव्रता के भूकंप के बाद हुई है। उस भूकंप के झटके राजधानी टोक्यो तक महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र इवाते प्रान्त के तट पर 44 किलोमीटर की गहराई में था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इमारतों को हिलते हुए देखा गया, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से की सतर्कता की अपील
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान का आकलन करें और जनता तक सटीक जानकारी समय पर पहुंचाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं समझ सकती हूं कि निवासी कठिन समय से गुजर रहे हैं, लेकिन मेरा आग्रह है कि सतर्क रहें और अपनी सुरक्षा को लेकर ढिलाई न बरतें।”
‘रिंग ऑफ फायर’ और जापान का जोखिम
जापान ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यहां चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों (पेसिफिक, फिलीपीन सी, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन) के मिलन के कारण भूकंप आना एक सामान्य प्रक्रिया है। आंकड़ों के अनुसार, जापान में हर साल 1,500 से 2,000 भूकंप आते हैं, जिनमें से अधिकांश हल्के होते हैं। इन्हीं खतरों को देखते हुए जापान ने अपनी इमारतों को भूकंप-रोधी बनाया है और एक मजबूत चेतावनी प्रणाली विकसित की है।