मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को आईटी सेक्टर पर लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी दबाव देखने को मिला। निवेशकों की बिकवाली के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2% तक टूट गया, जबकि Infosys, TCS, Wipro और HCLTech जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान सुबह करीब 11 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.95% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, इसी दौरान निफ्टी-50 में केवल 0.27% की मामूली कमजोरी देखने को मिली। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 4% तक फिसल चुका है।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
आईटी कंपनियों में सबसे अधिक दबाव Wipro पर रहा, जिसके शेयर करीब 2.9% तक टूट गए। इसके अलावा—
- Infosys : 2.5% की गिरावट
- TCS : 2.2% की गिरावट
- HCLTech : 2.1% की गिरावट
इन प्रमुख कंपनियों में लगातार बिकवाली से पूरे आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा।
गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंका है। यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में जल्द कटौती नहीं करता, तो कंपनियां अपने आईटी और टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर खर्च कम कर सकती हैं।
चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है, इसलिए वहां कॉरपोरेट खर्च में संभावित कमी का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार और शेयरों पर पड़ रहा है।
Accenture के आउटलुक ने भी बढ़ाई चिंता
आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ाने में Accenture के हालिया कमजोर राजस्व अनुमान की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। कंपनी के आउटलुक से संकेत मिला है कि वैश्विक स्तर पर कंपनियां नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने में अभी भी सतर्क हैं।
इसके साथ ही Artificial Intelligence (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग ने भी पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग और कंसल्टिंग सेवाओं की भविष्य की मांग को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी टेक शेयर चढ़े, लेकिन भारतीय आईटी नहीं संभला
दिलचस्प बात यह रही कि सोमवार को वॉल स्ट्रीट में एआई से जुड़ी टेक कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और अमेरिकी टेक इंडेक्स करीब 1.7% मजबूत हुआ। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय आईटी शेयरों पर नहीं दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों का रुझान पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों की बजाय AI, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, नेटवर्किंग और मेमोरी चिप से जुड़ी कंपनियों की ओर बढ़ रहा है।