दुर्ग, 30 जून 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत दुर्ग जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के माध्यम से वास्तविक परिवारों को लाभांवित करने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है। योजना के तहत ऐसे परिवारों को जोड़ा गया है, जिनके नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 या आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं थे। जिले में कुल 95,783 हितग्राहियों का सर्वे किया गया था, जिसमें से 81,600 का सर्वेयरों द्वारा और 14,183 का हितग्राहियों द्वारा स्वयं (सेल्फ सर्वे) कर भौतिक सत्यापन कराया गया। भारत सरकार के आवास सॉफ्ट पोर्टल द्वारा ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद प्रारंभिक रूप से 80,835 हितग्राही पात्र और 14,948 हितग्राही अपात्र श्रेणी में दर्ज हुए हैं। इस सूची को पारदर्शी बनाने और त्रुटियों को सुधारने के लिए विगत 24 जून 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया, जहां सूची का सार्वजनिक वाचन कर प्राथमिकता तय की गई। स्थानीय स्तर पर संवेदनशीलता का उदाहरण देते हुए ग्राम पंचायत डूमरडीह में 32 अपात्र प्रकरणों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत सेलूद में तकनीकी कारणों से सूची में नहीं दिख रहे 252 छूटे हुए हितग्राहियों को ग्राम सभा ने विचार-विमर्श के बाद वास्तविक रूप से पात्र मानते हुए विशेष प्रस्ताव जनपद कार्यालय को भेजा है।
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन डेटाबेस पर आधारित है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर किसी भी मनमाने फेरबदल की गुंजाइश नहीं है। वर्तमान में ग्राम सभाओं से प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों का शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले सभी हितग्राहियों के प्रकरण अविलंब आगे बढ़ाए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी वास्तविक और जरूरतमंद परिवार पक्के मकान के लाभ से वंचित न रहे।