OTT Dark Patterns Survey: ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (OTT) पर यूजर्स को भ्रमित करने वाली ‘डार्क पैटर्न’ रणनीतियां तेजी से बढ़ रही हैं। लोकलसर्किल्स के ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत के 10 में से 8 (80%) OTT यूजर्स किसी न किसी रूप में इन भ्रामक डिजिटल तरीकों का शिकार हो चुके हैं।
इस सर्वे में देश के 324 जिलों से 1.18 लाख से अधिक लोगों की राय शामिल की गई। इनमें 61% पुरुष और 39% महिलाएं थीं। बढ़ती शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं ने सरकार से OTT कंपनियों पर सख्त निगरानी और डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक प्रथाओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
क्या हैं डार्क पैटर्न?
डार्क पैटर्न ऐसे डिज़ाइन और तकनीक होते हैं, जिनका उद्देश्य यूजर को उसकी इच्छा के बजाय मनोवैज्ञानिक दबाव या भ्रम पैदा करके कोई फैसला लेने के लिए प्रेरित करना होता है। इससे कंपनियां अतिरिक्त कमाई या सब्सक्रिप्शन बढ़ाने की कोशिश करती हैं।
इनमें फर्जी ऑफर, ऑटो-रिन्यूअल, छिपे हुए शुल्क, कैंसिलेशन को मुश्किल बनाना और भ्रामक विज्ञापन जैसी रणनीतियां शामिल होती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में Amazon Prime Video पर मुकदमा
ऑस्ट्रेलिया में Amazon के खिलाफ Prime Video में विज्ञापन शुरू करने और विज्ञापन-मुक्त सेवा के लिए अतिरिक्त शुल्क लेने को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। आरोप है कि कंपनी ने पहले से मौजूद सब्सक्रिप्शन की शर्तों में बदलाव कर ग्राहकों पर अतिरिक्त भुगतान का दबाव बनाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 8.5 लाख से अधिक ग्राहकों को विज्ञापन हटाने के लिए अलग से शुल्क देना पड़ा। अतिरिक्त भुगतान नहीं करने वाले यूजर्स को सीमित सुविधाओं वाली सेवा उपलब्ध कराई गई।
भारत में क्या हैं नियम?
भारत सरकार ने 30 नवंबर 2023 से डार्क पैटर्न रोकथाम एवं विनियमन दिशानिर्देश लागू कर रखे हैं। ये नियम ई-कॉमर्स, OTT, मोबाइल ऐप, ट्रैवल और फूड डिलीवरी समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू होते हैं।
सरकार ने 13 प्रकार के डार्क पैटर्न पर रोक लगाई है, जिनमें फॉल्स अर्जेंसी, सब्सक्रिप्शन ट्रैप, ड्रिप प्राइसिंग, डिस्गाइज्ड एड, कन्फर्म शेमिंग और बैट-एंड-स्विच जैसी प्रथाएं शामिल हैं।
ऐसे बचें डिजिटल धोखाधड़ी से
- किसी भी सब्सक्रिप्शन से पहले ऑटो-रिन्यूअल बंद करें।
- भुगतान से जुड़े SMS और ईमेल अलर्ट सक्रिय रखें।
- फ्री ट्रायल और सब्सक्रिप्शन की शर्तें ध्यान से पढ़ें।
- सब्सक्रिप्शन रद्द करने के बाद स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
- किसी भी संदिग्ध ऑफर या अतिरिक्त शुल्क को नजरअंदाज न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहना और नियमों की जानकारी रखना ही ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।