रायपुर: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Ravi Bhagat ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र से जुड़े भाजपा नेता रवि भगत ने अपना इस्तीफा पार्टी के मंडल अध्यक्ष रमेश होता को भेजा है। उन्होंने अपने पत्र में इस्तीफे का कारण केवल “निजी कारण” बताया है।
तीन लाइन के पत्र में दिया इस्तीफा
सादे कागज पर लिखे संक्षिप्त इस्तीफे में रवि भगत ने लिखा कि एक छोटे से गांव के कार्यकर्ता होने के बावजूद भाजपा ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया, जिसके लिए वे पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इसके बाद उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही।
उन्होंने अपने इस्तीफे की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को भी भेजी है।
पहले भी मिला था कारण बताओ नोटिस
रवि भगत पहले भी संगठनात्मक कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। 26 जुलाई 2025 को भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पार्टी की रीति-नीति और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ टिप्पणी की थी।
प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी Jagdish Rohra ने उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा था और चेतावनी दी थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन की कार्रवाई की जा सकती है।
DMF फंड को लेकर उठाते रहे सवाल
पिछले कुछ समय से रवि भगत DMF (जिला खनिज न्यास) फंड के उपयोग को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से फंड के उपयोग और कथित अनियमितताओं पर अपनी राय रखी थी।
उनके इन बयानों को लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा होती रही। अब उनके इस्तीफे के बाद एक बार फिर DMF फंड से जुड़े उनके पुराने बयान और सवाल चर्चा का विषय बन गए हैं।
फिलहाल, रवि भगत की ओर से इस्तीफे के पीछे किसी अन्य कारण को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया गया है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।