रायपुर के एक फाइव स्टार होटल में मुफ्त सेवाओं का फायदा उठाने और चोरी के आरोप में पकड़े गए एक शातिर ठग की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पिछले करीब 36 वर्षों से देश के अलग-अलग शहरों में महंगे होटलों को निशाना बनाने वाले इस आरोपी को रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 69 वर्षीय बिंगसन जॉन के रूप में हुई है। दावा है कि वह देशभर के करीब 300 होटलों में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। आलीशान होटलों में रहना और बिना भुगतान किए फरार हो जाना उसकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका था।
चार्ल्स शोभराज को मानता है अपना आइडियल
पुलिस पूछताछ में बिंगसन जॉन से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि वह कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज को अपना आदर्श मानता है।
आरोपी खुद को कभी विदेशी पर्यटकों का गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योगा ट्रेनर बताता था। इसी पहचान का इस्तेमाल कर वह लोगों और होटल कर्मचारियों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। इसके बाद महंगे होटलों में रुककर सुविधाओं का फायदा उठाता और मौका मिलते ही चोरी कर फरार हो जाता था।
रायपुर के होटल में ऐसे दिया ठगी को अंजाम
पुलिस के अनुसार बिंगसन जॉन ने 25 जून को रायपुर के एक फाइव स्टार होटल में कमरा बुक कराने की योजना बनाई। इसके लिए उसने होटल के नागपुर स्थित मुख्यालय से संपर्क किया।
आरोपी ने होटल प्रबंधन को बताया कि उसके पास रायपुर स्थित होटल का संपर्क नंबर नहीं है। इसके बाद उसने नागपुर के होटल प्रबंधन से रायपुर में उसके लिए कमरा बुक कराने की मांग की।
नागपुर से कमरा बुक होने के बाद आरोपी रायपुर पहुंचा और पांच दिनों के लिए होटल में ठहरा। आरोप है कि 27 जून को उसने होटल से एक लैपटॉप चोरी किया और चेक आउट किए बिना फरार हो गया।
होटल चेन के जरिए कराता था कमरे की बुकिंग
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए एक खास तरीका अपनाता था। वह जिस होटल में रुकना चाहता था, उस होटल की दूसरी शाखा या मुख्यालय से संपर्क करता था।
इसके बाद होटल चेन के माध्यम से अपने लिए कमरा बुक कराता और कुछ दिनों तक महंगी सुविधाओं का इस्तेमाल करता था। भुगतान और चेक आउट का समय आने से पहले ही आरोपी होटल से गायब हो जाता था।
जेल को ‘होम स्टे’ और होटल को मानता है पर्यटन स्थल
बिंगसन जॉन की जिंदगी से जुड़ी सबसे हैरान करने वाली बात उसका जेल और होटलों को लेकर नजरिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जेल को अपना ‘होम स्टे’ और महंगे होटलों को पर्यटन स्थल मानता है।
बताया जा रहा है कि उसने वर्ष 1990 के आसपास ठगी की दुनिया में कदम रखा था। पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय मंगेतर की मौत के बाद उसने शादी नहीं करने का फैसला किया और इसके बाद उसकी जिंदगी अपराध की ओर मुड़ गई।
पहली बार उसे वर्ष 1996 में ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब तक वह करीब 15 साल जेल में गुजार चुका है।
पकड़े जाने पर तुरंत कबूल कर लेता है अपराध
पुलिस के अनुसार बिंगसन जॉन की एक और अजीब आदत है। गिरफ्तारी के बाद वह पुलिस को गुमराह करने या कहानी बनाने की बजाय अपना अपराध स्वीकार कर लेता है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले गाइड के रूप में काम करता था। अंग्रेजी भाषा और अलग-अलग शहरों की जानकारी होने के कारण वह आसानी से लोगों से बातचीत कर उनका भरोसा हासिल कर लेता था।
36 साल से जेल और फाइव स्टार होटलों के बीच गुजर रही जिंदगी
आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि पिछले करीब 36 वर्षों से उसकी जिंदगी जेल और महंगे होटलों के बीच गुजर रही है। जेल से रिहा होने के बाद वह किसी नए शहर का रुख करता और वहां के किसी फाइव स्टार होटल को अपना अगला निशाना बनाता था।
पुलिस के मुताबिक बिंगसन जॉन के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब रायपुर पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।