अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। चोरी की रकम, सोने-चांदी के आभूषण और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाने के लिए मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस प्रतापगढ़ रवाना हुई है।
स्थानीय अदालत से 13 घंटे की कस्टडी रिमांड मिलने के बाद शुक्रवार सुबह अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला को फैजाबाद जेल से अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद एसओजी प्रभारी और मामले के विवेचक की अगुवाई में पुलिस टीम कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को उसके पैतृक जिले प्रतापगढ़ लेकर गई।
पुलिस का उद्देश्य आरोपी की निशानदेही पर संभावित ठिकानों की तलाशी लेना और चोरी से जुड़ी रकम, संपत्ति तथा वित्तीय दस्तावेज बरामद करना है।
अविनाश के ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी
जांच एजेंसी को शक है कि राम मंदिर के गर्भगृह और गणना कक्ष से कथित तौर पर चोरी की गई रकम का एक हिस्सा अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया हो सकता है।
इसी आधार पर पुलिस आरोपी को उसके पैतृक गांव और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर लेकर जा रही है। पुलिस टीम वहां तलाशी अभियान चलाकर मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्य जुटा सकती है।
जांच अधिकारियों के लिए यह कस्टडी रिमांड बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर मामले में नई बरामदगी होने की संभावना जताई जा रही है।
आरोपी के कब्जे से पहले मिल चुके हैं लाखों रुपए और अमेरिकी डॉलर
पुलिस जांच के दौरान अब तक टिन्नू यादव, सुभाष, अनुकल्प, लवकुश, मनीष, करुणेश और रमाशंकर सहित कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के कब्जे से 20.39 लाख रुपए की भारतीय मुद्रा और 1,121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए थे।
पुलिस को संदेह है कि कथित चोरी की रकम में अविनाश की बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है। इसी कारण जांच एजेंसी अब उसके वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
किराए के कमरे और पैतृक घर में रकम छिपाने का शक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी को शक है कि चोरी की रकम का एक हिस्सा और दानपात्रों से जुड़े सोने-चांदी के आभूषण अयोध्या के एक किराए के कमरे और प्रतापगढ़ स्थित पैतृक घर में छिपाए गए हो सकते हैं।
पुलिस अब आरोपी की निशानदेही पर इन संभावित ठिकानों की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान कैश, आभूषण या वित्तीय दस्तावेज मिलने पर उन्हें मामले में साक्ष्य के तौर पर जब्त किया जा सकता है।
संदिग्ध चार पहिया वाहन की तलाश में जुटी SOG
एसओजी की टीम एक संदिग्ध चार पहिया वाहन की भी तलाश कर रही है। पुलिस को शक है कि इस वाहन का इस्तेमाल कथित चोरी की नकदी को अयोध्या से बाहर ले जाने और अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया गया हो सकता है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि वाहन की बरामदगी और उसकी फॉरेंसिक जांच से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस वाहन के इस्तेमाल और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
भाई की सोशल मीडिया रील भी जांच के दायरे में
मामले की जांच के दौरान आरोपी के भाई की एक सोशल मीडिया रील भी पुलिस के संज्ञान में आई है। बताया जा रहा है कि इस वीडियो में बड़ी मात्रा में नोट दिखाई दिए थे। इसके बाद जांच एजेंसी ने भाई की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को जानकारी मिली है कि अविनाश का भाई कुछ महीने पहले अयोध्या आया था और आरोपी के साथ उसके किराए के कमरे में रुका था। जांच एजेंसी को शक है कि वह बड़ी मात्रा में नकदी लेकर प्रतापगढ़ लौटा हो सकता है।
हालांकि भाई की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और पुलिस तकनीकी तथा अन्य साक्ष्यों की पुष्टि कर रही है।
भाई से भी पूछताछ की तैयारी
जांच टीम प्रतापगढ़ में अविनाश के भाई से भी पूछताछ कर सकती है। पुलिस उसके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
अगर जांच के दौरान मामले में उसकी भूमिका से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल अयोध्या पुलिस की टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर कथित चोरी की रकम और अन्य साक्ष्यों की तलाश में जुटी है। कस्टडी रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ और संभावित बरामदगी से राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।