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चरित्र संदेह में पत्नी की हत्या: चाचा-भतीजा को उम्रकैद, शव जलाकर पहचान मिटाने की भी कोशिश

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धमतरी। जिले के दुगली थाना क्षेत्र में चरित्र संदेह के चलते पत्नी की हत्या कर शव को जलाकर पहचान मिटाने के बहुचर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने पति और उसके भतीजे को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है।

अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत ने आरोपी मनराखन नेताम और उसके भतीजे रामदेव सलाम को हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी एवं 302/120-बी के तहत दोनों को आजीवन कारावास तथा धारा 201/120-बी के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 1,200-1,200 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोनों को 2 वर्ष 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह है पूरा मामला 
यह मामला 8 फरवरी 2024 का है। दुगली थाना क्षेत्र के ग्राम भोभलाबाहरा में सीसी रोड किनारे एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिला था। जांच में मृतका के सिर और पेट पर गंभीर चोट तथा गला काटे जाने के निशान मिले। पुलिस ने गुमशुदा महिलाओं की जानकारी खंगालने के बाद शव की पहचान कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर निवासी जयंत्री बाई के रूप में की।

साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पाया दोषी 
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के पति मनराखन नेताम और उसके भतीजे रामदेव सलाम को गिरफ्तार किया। विवेचना में सामने आया कि दोनों ने चरित्र संदेह के चलते जयंत्री बाई की हत्या कर शव को आग के हवाले कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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