ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में नॉर्वे के खिलाफ 2-1 की हार के बाद भावुक नेमार ने कहा कि अब उनका राष्ट्रीय टीम के साथ सफर खत्म हो गया।
34 साल के नेमार ने मैच के बाद कहा, ‘मैंने पूरी कोशिश की। अब सब खत्म हो गया। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और यहीं आकर इसे खत्म कर रहा हूं।’ उनका इशारा अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम की ओर था, जहां उन्होंने 2010 में अमेरिका के खिलाफ ब्राजील के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। 16 साल बाद उसी मैदान पर उनका वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी टूट गया।
ब्राजील इस बार भी खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन नॉर्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। नेमार ने मैच में ब्राजील की ओर से इकलौता गोल पेनल्टी पर किया। लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।
यह हार नेमार के लिए इसलिए भी ज्यादा दर्दनाक रही क्योंकि चोटों के कारण वह पिछले कुछ सालों में लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे थे। माना जा रहा था कि 2026 वर्ल्ड कप उनके करियर का आखिरी मौका होगा, जिसमें वह ब्राजील को छठा विश्व कप दिला सकते थे।
नेमार अपने पीछे शानदार लेकिन अधूरी विरासत छोड़कर जा रहे। उन्होंने ब्राजील के लिए 129 मैचों में 80 गोल किए और मेंस फुटबॉल में देश के सर्वकालिक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने पेले के आधिकारिक गोल रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनके हाथ कभी नहीं लगी। 2014 वर्ल्ड कप में चोट के कारण उनका अभियान बीच में ही खत्म हो गया था। इसके बाद सेमीफाइनल में ब्राजील को जर्मनी के हाथों 1-7 की ऐतिहासिक हार का मुंह देखना पड़ा था। 2018 में टीम बेल्जियम से क्वार्टर फाइनल में हार गई थी, जबकि 2022 में क्रोएशिया ने पेनल्टी शूटआउट में ब्राजील को बाहर कर दिया। अब 2026 में नॉर्वे ने उनकी आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी।
हालांकि नेमार ने ब्राजील के लिए 2013 का फीफा कन्फेडरेशन कप और रियो 2016 ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीता, लेकिन वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी ख्वाहिश बनकर रह गई। ऐसे में उनका संन्यास ब्राजील फुटबॉल के एक यादगार अध्याय का अंत माना जा रहा है।