धमतरी जिले में लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश का असर अब सड़कों और यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। मेघा महानदी पर निर्माणाधीन हाई लेवल पुल के पास बनाया गया वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग बारिश के कारण असुरक्षित हो गया है।
सुरक्षा को देखते हुए रविवार शाम से डायवर्सन मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। मार्ग बंद होने के कारण कुरुद और मगरलोड विकासखंड के बीच सीधा सड़क संपर्क एक बार फिर टूट गया है। इससे रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले हजारों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से डायवर्सन मार्ग हुआ खराब
लगातार बारिश के कारण डायवर्सन मार्ग के कई हिस्सों में पानी भर गया है। सड़क पर कीचड़ जमा होने से वाहन चलाना मुश्किल हो गया है।
कई स्थानों पर मिट्टी बहने के कारण रास्ता संकरा और जोखिमभरा हो गया है। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
एनीकट से नदी पार कर रहे दोपहिया चालक
डायवर्सन मार्ग बंद होने के बाद कुछ दोपहिया वाहन चालक एनीकट के ऊपर से नदी पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। बारिश और नदी में बढ़ते जलस्तर के बीच इस तरह आवाजाही खतरनाक साबित हो सकती है।
वहीं चारपहिया वाहन चालकों को अब खुड़ी, करेली-नारी और राजिम मार्ग से होकर सफर करना पड़ रहा है। इसके कारण वाहन चालकों को करीब 20 से 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
किसानों और विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी
कुरुद और मगरलोड के बीच सीधा सड़क संपर्क बंद होने का असर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
किसानों को खेती से जुड़े काम और कृषि उपज के परिवहन में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं मरीजों और रोजाना नौकरी या कारोबार के लिए यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। लंबा रास्ता तय करने के कारण समय और ईंधन दोनों ज्यादा खर्च हो रहे हैं।
स्थानीय व्यापार पर भी पड़ा असर
दोनों विकासखंडों के बीच सीधा संपर्क बाधित होने से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि माल की आवाजाही में देरी हो रही है और परिवहन खर्च बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी प्रभावित हो रही है।
हाई लेवल पुल निर्माण में देरी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने मेघा महानदी पर बन रहे हाई लेवल पुल के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि अगर पुल का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो हर बारिश के दौरान इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
निर्माणाधीन पुल का एक गर्डर गिरने की घटना भी पहले सामने आ चुकी है। इसके बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
सितंबर 2024 से चल रहा पुल निर्माण
सितंबर 2024 में मेघा महानदी पर स्थित पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद यहां नए हाई लेवल पुल का निर्माण शुरू किया गया।
पुल निर्माण के दौरान लोगों की आवाजाही बनाए रखने के लिए करीब एक किलोमीटर लंबा वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग तैयार किया गया था।
हालांकि लगातार बारिश के कारण अब यह डायवर्सन मार्ग भी असुरक्षित हो गया है और प्रशासन को इसे बंद करना पड़ा है।
फिलहाल कुरुद और मगरलोड के बीच सीधा सड़क संपर्क बाधित है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करेगा और हाई लेवल पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।