पूरी दुनिया और विशेष रूप से भारत में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के आगामी ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। पिछले हफ्ते मंत्रालय द्वारा व्हाट्सएप को भेजे गए एक विधिक नोटिस के जवाब में मेटा के मालिकाना हक वाली कंपनी ने अपना आधिकारिक पक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
सरकार द्वारा इस फीचर के कारण देश में साइबर सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी बढ़ने को लेकर जताई गई गंभीर चिंताओं के बाद, व्हाट्सएप ने विधिक तौर पर सहमति व्यक्त की है कि सरकार के साथ चल रही उच्च स्तरीय तकनीकी चर्चा पूरी होने तक इस बहुप्रतीक्षित फीचर को भारतीय बाजार में फिलहाल लॉन्च नहीं किया जाएगा।
बिना फोन नंबर के चैटिंग से डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग बढ़ने का था डर, मंत्रालय कर रहा जवाब की समीक्षा
व्हाट्सएप के इस नए फीचर के आने से लोग अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी केवल एक यूनिक यूजरनेम के जरिए आपस में बातचीत कर सकेंगे। सरकार को पहली नजर में यह आशंका थी कि इस विधिक गोपनीयता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी, स्कैमर्स और जालसाज बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं, क्योंकि बिना नंबर के अपराधियों की त्वरित पहचान करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
व्हाट्सएप ने दी सुरक्षा की विधिक गारंटी; फ्रॉड रोकने के लिए खातों के नाम पहले से रखे सुरक्षित
विवाद और सरकारी चिंताओं के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसे इस साल के अंत तक बेहद सुरक्षित और चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे रोलआउट करने की विधिक योजना है। सरकार को दिए जवाब में व्हाट्सएप ने सुरक्षा की गारंटी देते हुए कई कड़े सुरक्षा उपायों का उल्लेख किया है।
कंपनी ने बताया कि फर्जीवाड़े और पहचान चोरी से बचने के लिए सरकारी संस्थानों, बैंकों और प्रतिष्ठित सार्वजनिक खातों के नाम पहले से ही सुरक्षित रख लिए गए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। इसके साथ ही, स्कैमर्स द्वारा यूजरनेम का बार-बार अनुमान लगाने की कोशिशों को सिस्टम स्वचालित रूप से ब्लॉक कर देगा और किसी अज्ञात यूजर द्वारा पहली बार मैसेज भेजने पर उसकी पूरी विधिक जानकारी रिसीवर की स्क्रीन पर अनिवार्य रूप से दिखाई जाएगी।
टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम भी सरकार के रडार पर; पायरेसी और आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्त नोटिस
आईटी मंत्रालय की यह विधिक कार्रवाई केवल व्हाट्सएप तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए चौतरफा शिकंजा कस दिया है। आईटी सचिव ने बताया कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसी अन्य मैसेजिंग ऐप्स को भी उनके मौजूदा यूजरनेम फीचर और उससे जुड़े सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त विधिक नोटिस भेजे गए हैं, जिनका जवाब देने के लिए इन कंपनियों ने थोड़ा और समय मांगा है।
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में व्हाट्सएप के 50 करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूजर्स हैं, जिसके कारण इस पर सुरक्षा जोखिम सबसे बड़ा है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम विज्ञापनों में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर पैरेंट कंपनी मेटा को एक अलग विधिक नोटिस जारी किया है, जबकि टेलीग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से चल रही फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट की अवैध पायरेसी को तुरंत रोकने की चेतावनी दी गई है।