आरंग। आरंग से लगे नगर पंचायत समोदा में भाजपा पार्षदों के कथित सामूहिक इस्तीफे से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वायरल पत्र में नगर पंचायत उपाध्यक्ष सहित पांच भाजपा पार्षदों के नाम और हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अब तक इस इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विकास कार्यों में बाधा का आरोप
वायरल पत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम संबोधित बताया जा रहा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य पूरे नहीं किए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की नाराजगी का दावा
पत्र के अनुसार नाली, पानी निकासी और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य लंबे समय से लंबित हैं। पार्षदों ने दावा किया है कि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होने से वे अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण पद छोड़ने जैसा निर्णय लेने की बात पत्र में लिखी गई है।
इन पार्षदों के नाम हैं शामिल
वायरल दस्तावेज में नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद अंगेश्वर देवांगन के अलावा वार्ड क्रमांक-4 के विक्रांत सोनकर, वार्ड क्रमांक-7 के अमर निषाद, वार्ड क्रमांक-10 के चेतन साहू और वार्ड क्रमांक-11 के डोमन साहू के नाम और हस्ताक्षर नजर आ रहे हैं।
उपाध्यक्ष ने किया वायरल पत्र का खंडन
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष अंगेश्वर देवांगन ने वायरल हो रहे पत्र को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही खबर तथ्यात्मक नहीं है, जबकि वायरल दस्तावेज में उनके हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
अब प्रशासन और संगठन की नजर
वायरल पत्र के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संगठन और प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और वायरल पत्र की सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।