Meta Pixel

हाईकोर्ट ने BSc नर्सिंग में 10% परसेंटाइल नियम रद्द किया:15 दिन में दोबारा काउंसलिंग, मेरिट से भरेंगी सीटें, नियम से आदिवासी-पिछड़े छात्रों को नुकसान

Spread the love

हाईकोर्ट के जस्टिस एके प्रसाद ने बीएससी (नर्सिंग) पाठ्यक्रम में राज्य सरकार के तय 10% न्यूनतम परसेंटाइल के नियम को रद्द कर दिया है। एडमिशन के लिए यह नियम शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए लागू किया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर नए सिरे से काउंसलिंग शुरू करने और बिना किसी न्यूनतम परसेंटाइल की शर्त के प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए छात्रों की मेरिट के आधार पर खाली सीटों को भरने का भी आदेश दिया है।

बता दें कि, राज्य में बीएससी नर्सिंग की कुल 7811 स्वीकृत सीटें हैं, जिनमें से शुरुआती काउंसलिंग के बाद 4,147 सीटें खाली रह गई थीं। बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने पर राज्य सरकार ने ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल से नियमों में ढील देने की मांग की थी। काउंसिल ने 29 दिसंबर 2025 को राज्य को राहत देते हुए न्यूनतम परसेंटाइल की शर्त को शिथिल कर दिया था।

INC से छूट मिलने के बाद 10% परसेंटाइल लागू किया

छूट मिलने के बाद राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूरी छूट देने के बजाय खुद से 10% परसेंटाइल का एक नया नियम लागू कर दिया। इस नियम की वजह से छूट के बाद भी 2000 से अधिक सीटें खाली रह गईं। राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ छात्रों और प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

हाईकोर्ट बोला- केंद्र के नियम बदलने का अधिकार नहीं

हाईकोर्ट ने अपने 52 पन्नों के फैसले में स्पष्ट किया कि, नर्सिंग शिक्षा के मानक तय करने का अधिकार सिर्फ केंद्रीय संस्था यानी इंडियन नर्सिंग काउंसिल के पास है। जब केंद्रीय कानूनों के तहत गठित विशेषज्ञ संस्था ने सीटों को भरने के लिए परसेंटाइल की शर्त में छूट दे दी थी।

राज्य सरकार या चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को अपनी तरफ से 10% का नया नियम बनाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। राज्य सरकार सिर्फ नियमों को लागू करने वाली संस्था है, वह केंद्रीय संस्था के फैसले को बदल या संशोधित नहीं कर सकती।

नए नियम से आदिवासी और पिछड़े छात्रों को नुकसान

हाईकोर्ट ने कहा कि, सरकार के इस फैसले से आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के कई योग्य छात्र भी एडमिशन नहीं ले पाए। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार अगले 15 दिनों के भीतर काउंसलिंग का नया शेड्यूल जारी करे और प्रक्रिया को तेजी से पूरा करे।

12वीं पास स्टूडेंट्स को मिलेगा एडमिशन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ 12वीं पास करने वाले और सामान्य प्रवेश परीक्षा में शामिल सभी छात्र मेरिट के आधार पर प्रवेश ले सकेंगे।

देरी से प्रवेश लेने वाले छात्रों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए संबंधित नर्सिंग कॉलेजों को अतिरिक्त कक्षाएं, प्रैक्टिकल और प्रशिक्षण की व्यवस्था करनी होगी, ताकि छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति और पढ़ाई का स्तर तय मानकों के अनुरूप बना रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *