छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रियल स्टेट कारोबारी ने कोल्ड-ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर 37 साल की महिला से रेप किया है। उसका अश्लील वीडियो बनाकर करीब 8 महीने तक ब्लैकमेल भी किया। पीड़िता ने इसकी शिकायत डाक के माध्यम से पीएमओ को भेजी। जिसके बाद FIR दर्ज की गई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पीड़िता का आरोप है कि, किसी को कुछ बताने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने, दुकान खाली कराने, जेल भिजवाने और झूठे मादक पदार्थ के मामले में फंसाने की धमकी भी दी। आरोपी ने यह भी दावा किया कि, उसकी पहुंच बड़े पुलिस अधिकारियों तक है। उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मुंगेली नाका के पास किराए के कमरे में सिलाई सेंटर चलाने वाली महिला की पहचान भवन मालिक रियल स्टेट कारोबारी प्रशांत नारंग उर्फ बंटू नारंग (45) से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि सितंबर 2024 में आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि उसका एक परिचित हाईकोर्ट का बड़ा वकील है, जो उसके पुराने केस में मदद कर सकता है।
इसी बहाने उसने 8 सितंबर 2024 को दोपहर करीब दो बजे होटल ईस्ट पार्क बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक/पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेहोशी जैसी हालत में उसके साथ दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बना लिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करता रहा शोषण
शिकायत के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल किया। डर और बदनामी की वजह से वह विरोध नहीं कर सकी। आरोपी अप्रैल 2025 तक अलग-अलग होटलों में बुलाकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि, दिसंबर 2024 में आरोपी ने उसे दूसरी पत्नी की तरह रखने और शादी का भरोसा देकर अपने साथ बनाए रखा। जब भी महिला वीडियो डिलीट करने की बात करती, आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने पीड़िता का नंबर भी ब्लॉक कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल मुंबई में है।
रसूख दिखाकर दी झूठे केस में फंसाने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि, विरोध करने पर आरोपी ने मोबाइल में रिकॉर्ड वीडियो दिखाते हुए कहा कि, अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। दुकान खाली कराने, दोबारा जेल भिजवाने और झूठे मादक पदार्थ के मामले में फंसाने की धमकी भी दी।
पीएमओ तक पहुंची शिकायत, तब दर्ज हुआ केस
डर और कथित रसूख के कारण पीड़िता सीधे थाने नहीं पहुंच सकी। उसने डाक के माध्यम से उच्च अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को शिकायत भेजी। मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(एम), 308(2) और 351(3) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह सेक्सटॉर्शन का भी मामला
यह दुष्कर्म के आरोपों के साथ सेक्सटॉर्शन (Sextortion) का मामला बनता है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और इसी डर का फायदा उठाकर लंबे समय तक कथित रूप से उसका यौन शोषण करता रहा। पुलिस अब दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और डिजिटल साक्ष्यों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।