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दिल्ली से राजस्थान तक बारिश पर लगा ब्रेक, पहाड़ों पर बरसात ने बढ़ाई मुश्किलें

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देश में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। जहां कुछ दिन पहले तक कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही थी, वहीं अब देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल छंट गए हैं। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देने लगा है और कई राज्यों में गर्मी व उमस बढ़ गई है। दूसरी ओर, पहाड़ी राज्यों में बारिश का दौर जारी है, जिससे भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

देश के 70% हिस्से से मानसूनी बादल हुए गायब
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल देश के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में मानसून कमजोर पड़ गया है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अगले पांच दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। इससे कई इलाकों में उमस और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

बढ़ने लगी गर्मी, राजस्थान में 42 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी फिर से महसूस की जा रही है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है।

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का असर
मैदानी इलाकों में बारिश कम होने के बावजूद पहाड़ी राज्यों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ीं और दोनों राज्यों में करीब 440 सड़कें प्रभावित हुईं, जिससे आवागमन पर असर पड़ा।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मेघालय में झमाझम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मेघालय में कई इलाकों में बहुत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इन राज्यों में नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रयागराज और ऋषिकेश समेत कई स्थानों से नदी के बढ़ते जलस्तर की तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।

अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। वहीं, पूर्वी भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नया सिस्टम बनने के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है।

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