अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सीधे स्तर का सैन्य टकराव लगातार चौथे दिन भी बेहद हिंसक और आक्रामक बना हुआ है। अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के भीतर किए गए भारी हवाई हमलों के बाद अब तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की एक नई और विनाशकारी लहर शुरू कर दी है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक दावा किया है कि उन्होंने ‘ऑपरेशन प्रॉमिस-2’ की तीसरी लहर के तहत जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और वेपन स्टोरेज फैसिलिटीज को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं।
जॉर्डन के अजराक और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर गिरे ईरानी ड्रोन, वेपन स्टोरेज फैसिलिटी को बनाया निशाना
ईरानी सेना के मुताबिक, उनके ड्रोनों ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सेना के रणनीतिक ‘अजराक एयर बेस’ को बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के खिलाफ उनका यह ड्रोन अभियान अंतिम जीत हासिल होने तक लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही, बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के प्रमुख ‘शेख ईसा एयर बेस’ पर बने अमेरिकी वेपन स्टोरेज और आधुनिक सैन्य उपकरणों के डिपो पर भी मिसाइलें दागी गई हैं। इसके अलावा कुवैत में स्थित ‘अली अल सलेम एयर बेस’ पर तैनात अमेरिकी सेना के खतरनाक एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन के लॉन्च पैड को भी ईरानी मिसाइलों ने निशाना बनाने का दावा किया है।
कुवैत एयर डिफेंस ने दिखाई बहादुरी; 1 बैलिस्टिक, 5 क्रूज मिसाइलें और 33 ईरानी ड्रोन मार गिराए
इस भीषण गोलाबारी के बीच कुवैत की सेना ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ा दावा किया है। कुवैत मिलिट्री के अनुसार, मंगलवार शाम ईरान की ओर से उनके नागरिक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय ठिकानों की तरफ दागी गई एक खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल, पांच आधुनिक क्रूज मिसाइलें और कुल 33 आत्मघाती ड्रोनों को कुवैत के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर सफलतापूर्वक मार गिराया है। हालांकि, कुवैती सेना ने यह भी स्वीकार किया है कि हवा में नष्ट किए गए इन मिसाइलों और ड्रोनों का भारी मलबा शहर की कई रिहायशी और सैन्य जगहों पर आकर गिरा, जिससे स्थानीय संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ईरान के कई शहरों में अमेरिकी बमबारी से भारी तबाही, अमेरिकी नौसेना ने की खाड़ी की पूर्ण नाकेबंदी
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि मध्य पूर्व में उभरते हुए ईरानी खतरों को हमेशा के लिए खत्म करने के उद्देश्य से अमेरिकी वायुसेना ने लगातार चौथी रात भी ईरान के भीतर नए ठिकानों पर भीषण बमबारी जारी रखी है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ (IRNA) और पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘आईआईआरबी’ (IRIB) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी मिसाइलों और गाइडेड बमों के गिरने से दक्षिणी ईरान के अहवाज शहर, बंदर अब्बास, केंशम द्वीप और हेंगाम द्वीप पर बने कोस्टल डिफेंस सिस्टम और नौसैनिक रडार पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
इससे पहले अमेरिका ने बुशेहर, चाबहार और जास्क जैसे तटीय बंदरगाहों को भी निशाना बनाया था। इस जवाबी कार्रवाई के साथ ही अमेरिकी नौसेना ने खाड़ी के पूरे समुद्री मार्ग और ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले कमर्शियल जहाजों पर फिर से पूर्ण नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है।