रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल हिंसा की वजह से बस्तर का विकास और शिक्षा दशकों तक प्रभावित था। माओवाद के खात्मे के बाद अब वहां शांति और विश्वास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा बस्तर की जनता के विश्वास और सहयोग से प्रदेश इस चुनौती से निर्णायक रूप से मुक्त होकर शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माओवाद हिंसा मुक्ति पर आभार प्रस्ताव लाया, जिसे लंबी चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग और समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाईयों तथा अभियान में सहभागी सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और व्यावसायिक दक्षता की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए समन्वित सुरक्षा एवं विकास आधारित रणनीति अपनाई।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता तथा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान को अपेक्षित गति मिली। राज्य सरकार ने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ समाज के उन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की इच्छा व्यक्त की। पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध स्वरोजगार तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए गए। इस चर्चा में गृहमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अनेक लोगों ने नक्सल उन्मूलन की लड़ाई में योगदान की सराहना की। जबकि विपक्षी विधायक इस चर्चा में उपस्थित नहीं थे।
6.79 लाख परिवारों के राशनकार्ड बनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि, बस्तर संभाग में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके परिणामस्वरूप 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशनकार्ड परिणामस्वरूप 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं। बस्तर संभाग में 17 लाख लोगों के जनधन खाते खोले जा चुके हैं। 24 लाख 66 हजार लोगों के आधारकार्ड बनाए जा चुके हैं। 22 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। 1 लाख 18 हजार लोगों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं। साथ ही 3 लाख 89 हजार किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं। बस्तर संभाग में 1 लाख 76 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।1
अभियान केवल सुरक्षा तक नहीं
मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा में कहा कि, नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है, वहां शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं भी तेजी से पहुंचें, ताकि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन आए। अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समग्र, समावेशी और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है।
डॉ. रमन हुए भावुक
विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भावुक होते हुए कहा कि नक्सल मुद्दे पर छत्तीसगढ़ ने दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है। हमारी सरकार ने बेस्ट अधिकारियों को बस्तर भेजा था। आज सभी जांबाज जवानों को सैल्यूट करता हूं। उन्होंने कहा, बारूद बिछने वाली सड़कों पर अब सड़कें बन रही हैं। विपक्ष के शामिल नहीं होने पर डॉ. रमन ने कहा, विपक्ष नक्सल के विरोध में सुनना नहीं चाहता, पता नहीं क्यों?
कश्यप के झलके आंसू
संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नक्सलवाद खात्मे पर आभार प्रस्ताव पेश किया। चर्चा के दौरान केदार कश्यप भावुक हो गए। बोलते-बोलते उनका गला रूंध गया। इस दौरान सदन में मौजूद डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने उनके पास पहुंचकर ढांढस बंधाया और उनका हौसला बढ़ाया। कश्यप ने कहा कि नक्सली निर्दयता से हत्या करते थे, ताकि आने वाली पीढ़यिों तक खौफ रहे। कभी बेटी के साथ, कभी बहू से रेप करते थे। सुनियोजित तरीके से दहशत फैलाने के लिए पट ना को अंजाम दिया जाता था।
हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, हमारा छत्तीसगढ़ नक्सली संगठन से मुक्त हुआ है। आज इस पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन में था जिस पर चर्चा थी, परंतु आश्चर्यजनक से पूरा विपक्ष कांग्रेस पूर्णता गायब रही। में उन लोगों के नाम लेकर आया था, जो झीरम में थे। में सदन में बताता किस तरीके से झीरम में शामिल नक्सलियों को हमारी आर्ड फोर्सज ने न्यूट्रलाइज किया।