रायपुर – महादेव सट्टा एप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाने के बाद ईडी ने उसे बुधवार को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी के आवेदन पर उसे पूछताछ करने 10 दिन की पुलिस रिमांड दी है। विकास को 24 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेने के बाद ईडी अब आरोपी से ऑनलाइन महादेव बैटिंग एप से जुड़े पैसों के निवेश, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों, विदेशी लेन-देन और कारपोरेट अधिग्रहण में इस्तेमाल हुई रकम को लेकर पूछताछ करेगी।
जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की अहम कड़ी है। गिरफ्तारी से कुछ दिन पूर्व ईडी ने विकास तथा उनके परिवार और उससे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की है। इनमें दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्थित आवासीय संपत्तियां, जमीन, करोड़ों रुपए के शेयर, प्रतिभूतियां तथा अन्य निवेश शामिल हैं।
कई कंपनियों के जरिए की गई लेयरिंग
जांच में सामने आया है कि सट्टे की रकम को सीधे निवेश नहीं किया गया, बल्कि पहले उसे कई कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से घुमाया गया। इस प्रक्रिया को मनी लांड्रिंग में लेयरिंग कहा जाता है। इसके बाद रकम का उपयोग शेयर खरीदने, कंपनियों में निवेश करने, जमीन खरीदने और अन्य परिसंपत्तियां अर्जित करने में किया गया।
टिबरेवाल के माध्यम से पहुंचाई जाती थी रकम
विकास का काम सट्टे की ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में कन्वर्ट कर दुबई तक पहुंचाए जाने का था। उसके पास सट्टे की रकम कोलकाता के हवाला कारोबारी हरीश टिबरेवाल के माध्यम से पहुंचाई जाती थी। विकास सट्टे की रकम को शेयर बाजार तथा अन्य तरीके से निवेश कर व्हाइट करता था। इसके बाद रकम चैनल के माध्यम से दुबई में बैठे सौरभ चंद्राकर तक पहुंचाई जाती थी। प्रमोटरों ने स्काई एक्सचेंज नामक आनलाइन बेटिंग प्लेटफार्म का भी इस्तेमाल किया।
फंडिंग जांच के घेरे में
विकास गर्ग की कंपनी एराया लाइफस्पेस लिमिटेड को स्काई एक्सचेंज के माध्यम से 13 सौ करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई। जांच एजेंसी के दावों के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल अमेरिका की दिवालिया घोषित हो चुकी कंपनी एबिक्स ग्रुप में लगभग 1,273.25 करोड़ रुपए का अधिग्रहण करने के लिए किया गया। जांच एजेंसी ने अब तक इस रकम के 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से का मनी ट्रेल स्थापित कर लिया है।