शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त दर्ज की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछलकर 77,600 के स्तर के ऊपर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,150 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। बाजार में यह तेजी ऐसे समय देखने को मिली जब एशिया और अन्य वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ था।
इंफोसिस ने दिखाई मजबूती, विप्रो में दबाव
कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त ने बाजार की सकारात्मक धारणा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, विप्रो के शेयरों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद आईटी और अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का रुख बना रहा।
निफ्टी के लिए क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी अपने मौजूदा सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सत्रों में निफ्टी 24,250 से 24,350 के दायरे की ओर बढ़ सकता है, जो हालिया कारोबारी रेंज का ऊपरी स्तर माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों में रही कमजोरी
जहां भारतीय बाजार में तेजी रही, वहीं वैश्विक बाजार दबाव में दिखाई दिए। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजारों के संकेत भी कमजोर रहे। इसके बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा कायम रहा।
रुपया भी हुआ मजबूत
शेयर बाजार की मजबूती के साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत रुपया आयात लागत को कम करने, महंगाई पर नियंत्रण रखने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में मददगार साबित हो सकता है।
घरेलू निवेशकों का भरोसा बना सहारा
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बाजार की मजबूती घरेलू निवेशकों के विश्वास और मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाती है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निवेशकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है, जिसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिल रहा है।