नवापारा-राजिम। भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर गुरुवार की शाम नवापारा नगर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। शाम करीब 4:30 बजे बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। विशेष आकर्षण यह रहा कि श्री राधाकृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और साई मंदिर के तीनों रथ एक साथ नगर भ्रमण पर निकले। जैसे ही रथ आगे बढ़े, श्रद्धालुओं में रस्सी पकड़कर रथ खींचने की होड़ मच गई। हर कोई इसे अपने जीवन का सौभाग्य मानते हुए भगवान की सेवा में शामिल होने को उत्सुक दिखाई दिया।
हजारों की संख्या में लोग रथयात्रा में शामिल होने पहुंचे
रथयात्रा श्री राधाकृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर सदर बाजार, साहूगुड़ी, सुभाष चौक, महाकाली मंदिर और नगर पालिका तिराहा होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। विधायक इन्द्रकुमार साहू नगर पालिकाध्यक्ष ओमकुमारी- संजय साहू मंडल अध्यक्ष नागेन्द्र वर्मा नपा उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी सहित नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में लोग रथयात्रा में शामिल होने पहुंचे। पूरा शहर भगवान श्रीजगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
श्रद्धालुओं को गजा-मूंग प्रसाद किया गया वितरित
रथयात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी। विशेष रूप से मातृशक्तियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भगवान श्रीजगन्नाथ का स्वागत कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं को गजा-मूंग प्रसाद वितरित किया गया, जिसे प्राप्त करने के लिए लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण के दौरान लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान का प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।
‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से पूरे नगर को करते रहे गुंजायमान
सबसे अधिक भीड़ नगर पालिका तिराहा तक देखने को मिली। यहां हजारों की संख्या में महिलाएं, युवतियां, बुजुर्ग और बच्चे भगवान के दर्शन के लिए घंटों खड़े रहे। हर कोई रथ पर विराजमान भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिया। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ते गए, श्रद्धालु ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से पूरे नगर को गुंजायमान करते रहे। श्रद्धालु भगवान का रथ खींचते हुए आगे बढ़े तो पूरा दृश्य अत्यंत रोमांचक और मनमोहक बन गया। भक्त भगवान के जयकारे लगाते रहे।
कुछ श्रद्धालुओं को हुई असुविधा
हालांकि हर वर्ष की तरह इस बार भी यातायात व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खामी सामने आई। जिस समय भगवान की रथयात्रा नगर के मुख्य मार्गों से गुजर रही थी, उसी दौरान बाहर से आने वाले चारपहिया और दुपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया गया। परिणामस्वरूप कई स्थानों पर वाहन सीधे रथयात्रा के बीच तक पहुंच गए, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई बार रथों की गति भी प्रभावित हुई और पुलिस को वाहनों को हटाने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी।
विशेष योजना बनाकर वैकल्पिक मार्गों से निकाली जाएगी रथयात्रा
नगर के नागरिकों का कहना है कि, इतनी विशाल धार्मिक शोभायात्रा के दौरान मुख्य मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, रथयात्रा भी अधिक व्यवस्थित ढंग से निकलेगी और दुर्घटना की आशंका भी समाप्त होगी। आने वाले वर्षों में प्रशासन को इस दिशा में विशेष योजना बनाकर वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित करना चाहिए।
रथ निकलने के पहले ही शुरू हुई मूसलाधार बारिश
कुल मिलाकर भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी की यह भव्य रथयात्रा आस्था, श्रद्धा, उत्साह और जनसहभागिता का अद्भुत संगम बन गई। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, तीन भव्य रथों का नगर भ्रमण, गजा-मूंग प्रसाद वितरण, मातृशक्तियों की आरती और जय जगन्नाथ के गगनभेदी उद्घोष ने वातावरण को धर्म मय बनाया। खास बात यह रहा कि, भगवान जगन्नाथ के रथ निकलने के पहले ही जमकर मूसलाधार बारिश शुरु हो गई। महिलाएं युवतियां बड़ी संख्या में पानी में भीगते रहे पर टस से मस नही हुए।