छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आवारा कुत्तों के हमले ने एक मासूम की जान ले ली। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और नाराजगी का माहौल है। घटना के बाद नगर निगम और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया और कई आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
रथयात्रा की शाम हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, रथयात्रा पर्व के दौरान दादर खुर्द इलाके में एक मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के शरीर पर कई गंभीर घाव हो गए। उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया।
शहर में बढ़ रहा है आवारा कुत्तों का आतंक
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा के कई इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राहगीरों का पीछा करना, लोगों पर हमला करना और सड़क हादसों की वजह बनना अब आम बात हो गई है। कुत्तों के हमलों के बाद कई लोगों को रेबीज के इंजेक्शन भी लगवाने पड़ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
नगर निगम ने चलाया विशेष अभियान
घटना के बाद नगर निगम और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान चलाकर 15 से अधिक आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
पीड़ित परिवार को मिली आर्थिक सहायता
नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत और निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने मानवीय आधार पर परिवार को 1 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की है।
स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई है। नागरिकों का कहना है कि केवल एक-दो दिन का अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित रूप से नसबंदी, टीकाकरण और नियंत्रण अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।