अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की शहादत का जवाब और उनके सम्मान में की गई है।
लगातार नौवीं रात अमेरिकी एयरस्ट्राइक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक सोमवार सुबह ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई। यह लगातार नौवीं रात है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। इसी बीच ओमान के पास हर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यावसायिक जहाज में आग लगने की घटना से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप बोले- शहीद सैनिकों को समर्पित है कार्रवाई
वर्ल्ड कप फाइनल के बाद वाशिंगटन लौटे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन अमेरिकी जवानों के सम्मान में चलाया गया है जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जिनका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत
अमेरिकी सेना के अनुसार 18 जुलाई को उत्तरी इराक में एक ईरानी ड्रोन के नियंत्रित विस्फोट के दौरान एक सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। इस घटना के बाद मौजूदा संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 बताई गई है।
हर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज में लगी आग
सैन्य तनाव के बीच ओमान के तट के पास हर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज में आग लगने की खबर सामने आई है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान ने भी दागीं मिसाइलें
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार पश्चिमी प्रांत लोरेस्तान से दुश्मन के ठिकानों की ओर मिसाइलों की नई खेप दागी गई। इसके बाद बहरीन, जॉर्डन और कुवैत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को अलर्ट मोड पर सक्रिय कर दिया।
पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ा सुरक्षा संकट
बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने बहरीन की राजधानी मनामा में मौजूद नागरिकों के लिए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है। वहीं इजराइल ने भी आशंका जताई है कि जॉर्डन की दिशा में दागी गई मिसाइलों का असर उसके क्षेत्र तक पहुंच सकता है। मौजूदा हालात ने पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।