मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (22 जुलाई) को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 76,900 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंक की गिरावट के साथ 24,100 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा सेक्टरों में मुनाफावसूली के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज बैंकिंग और फार्मा कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि हैंगसेंग में गिरावट दर्ज की गई। इससे वैश्विक बाजारों का रुख पूरी तरह एक जैसा नहीं रहा।
अमेरिकी बाजारों ने सोमवार को दिखाई मजबूती
वहीं, सोमवार (21 जुलाई) को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांकों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जिससे वैश्विक निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां
हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीद-बिक्री के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पिछले सात दिनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में करीब 4,660 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है, जबकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां मिश्रित रही हैं।
सोमवार को भी कमजोर रहा था बाजार
इससे पहले सोमवार (21 जुलाई) को भी शेयर बाजार दबाव में रहा था। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 238 अंक की गिरावट के साथ 77,470 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 51 अंक टूटकर 24,188 के स्तर पर बंद हुआ था। लगातार दूसरे दिन बाजार में कमजोरी से निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है।