नई दिल्ली। पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजनीति तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर
घोषणा की कि पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़
करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने X पर लिखा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकार खुद जिम्मेदार है और
जिन लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
उधर, CJP ने भी प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा NEET पेपर लीक मामले को लेकर धरना दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
21 जुलाई को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था।
पहली बार पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट
देश में अब तक पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती रही है,
जिससे फैसलों में लंबा समय लगता था। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब इन मामलों के लिए अलग
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि जांच और सुनवाई की प्रक्रिया तेज हो सके।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, रेप और POCSO मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2019 से 2025 के बीच
3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों का डिस्पोजल रेट 96.28% रहा है।
हालांकि लगातार नए मामले आने के कारण 2025 के अंत तक करीब 2.45 लाख मामले लंबित थे।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक से करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक दोषियों को सजा नहीं मिली।
प्रेजेंटेशन के दौरान राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
- प्रधानमंत्री छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
नड्डा का पलटवार
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए
कि जिन राज्यों में उनकी सरकार रही, वहां हुए पेपर लीक मामलों पर उन्होंने कभी सवाल क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल भाजपा शासित राज्यों को निशाना बना रहा है।
PM आवास के बाहर धरना
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे,
अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक मुद्दे पर
संसद में चर्चा की मांग उठाई गई। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी सहित कई नेताओं को वहां से हटाया।
राहुल की प्रेजेंटेशन वाली राजनीति जारी
पिछले कुछ वर्षों में राहुल गांधी कई बार स्लाइड, चार्ट और आंकड़ों के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं।
शेयर बाजार, चुनावी अनियमितताओं और अब NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सरकार पर सवाल उठाए हैं।