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बीएसपी की माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान कार्यशाला का शुभारंभ, खदानों में सुरक्षा संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

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सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के सीजी ग्रुप ऑफ माइंस के लिए आयोजित पाँच दिवसीय “माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान (एमएसएमपी) – इम्प्लीमेंटेशन एवं रिव्यू” प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ 21 जुलाई 2026 को राजहरा स्थित माइन वेस्टिब्यूल ट्रेनिंग सेंटर (एमवीटीसी) में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य खदानों में सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना, वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना है। उद्घाटन सत्र में कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री कमल भास्कर तथा मुख्य महाप्रबंधक (खदान) श्री आर. बी. गहरवार उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री कमल भास्कर ने कहा कि माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन ही सुरक्षित, दुर्घटनामुक्त एवं सतत खनन संचालन की आधारशिला है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।

कार्यशाला के प्रथम दो दिनों में एम/एस दत्ता माइनिंग कंसल्टेंसी के सुरक्षा विशेषज्ञ एवं पूर्व उप महानिदेशक (खदान सुरक्षा) श्री एस. के. दत्ता द्वारा राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस, दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, झरनदल्ली, महामाया, हिर्री, कलवर, रावघाट तथा नंदिनी चूना पत्थर खदान के अधिकारियों एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को विस्तृत सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की तैयारी, क्रियान्वयन, समीक्षा तथा सतत सुधार की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। व्यावहारिक उदाहरणों एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की जमीनी स्तर की अनेक शंकाओं का समाधान भी किया गया, जिससे वे अपने-अपने खदानों में एमएसएमपी को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार हुए।

कार्यशाला के दूसरे दिन हाल ही में ओडिशा एवं झारखंड समूह की खदानों में हुई विद्युत दुर्घटनाओं के संदर्भ में “खदानों में विद्युत सुरक्षा” विषय पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के छह स्वर्णिम नियम  की विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्युत कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित कार्य प्रणालियों पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने इस तकनीकी सत्र तथा श्री एस. के. दत्ता की अनुभव-आधारित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण शैली की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।

यह कार्यशाला माइन वेस्टिब्यूल ट्रेनिंग सेंटर (एमवीटीसी), राजहरा द्वारा प्रभारी श्री बिरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में तथा सेल सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (एसएसओ), रांची के सहयोग से कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री कमल भास्कर एवं मुख्य महाप्रबंधक (खदान) श्री आर. बी. गहरवार के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।

कार्यशाला के अगले चरण में 23 से 25 जुलाई 2026 तक दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस एवं नंदिनी चूना पत्थर खदान में स्थल-आधारित हैंडहोल्डिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के दौरान प्रत्येक खदान के वर्तमान माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा की जाएगी, कमियों की पहचान कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे।

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